Faridabad/Alive News: बिजली निगम की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। शहर में जगह-जगह खुले पड़े बिजली के तार, पैनल बॉक्स और लटकते मीटर खतरे का कारण बन गए हैं। बारिश के मौसम में यह स्थिति और भी ज्यादा खतरनाक हो गई है।
रविवार को संजय कॉलोनी में करंट लगने से एक महिला की मौत हो गई थी। इसके अगले ही दिन सोमवार को मीटर बॉक्स में करंट आने से एक गाय की जान चली गई। इसके बावजूद बिजली विभाग की नींद नहीं टूटी है। कई इलाकों में आज भी बिजली के तार बेतरतीब ढंग से लटके हुए हैं। लोग जैसे-तैसे इनसे बचकर गुजरते हैं, लेकिन हादसे का डर बना रहता है।
गांधी कॉलोनी में ढाई साल पहले भी ऐसी ही लापरवाही ने एक महिला की जान ले ली थी। 36 साल की यह महिला पानी से भरी गली से बचने की कोशिश में बिजली के खंभे से टकरा गई थी। खंभे में लगे बेतरतीब तारों से करंट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
घटना के बाद इलाके के लोगों ने विरोध किया था, जिसके बाद बिजली विभाग ने सिर्फ उसी खंभे को हटाया, लेकिन अन्य खतरनाक जगहों पर आज भी कोई सुधार नहीं किया गया है। गांधी कॉलोनी की मोती सुनार वाली गली और रेलवे स्टेशन के पास भाटिया क्रेन वाली गली में खुले पैनल बॉक्स और लटकते तार अभी भी वैसे के वैसे ही हैं।
बल्लभगढ़ की भूदत्त कॉलोनी में तो हाल और भी खतरनाक है यहां नाली में लकड़ी के सहारे बिजली के तार लटक रहे हैं और मीटर दीवारों से लटके हुए हैं।
लोगों का कहना है कि लगता है बिजली विभाग किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। बिजली विभाग को इन हालातों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि और कोई जान ना जाए। बारिश के मौसम में यह लापरवाही और भी जानलेवा बन सकती है।
क्या कहना है लोगों का
शहर में कई जगह खंभों के आसपास बिजली के तार लटक रहे है। वर्षा होने पर आते-जाते अधिक खतरा रहता है, मगर अधिकारी ध्यान नहीं देते।
-श्याम कुमार, गांधी कॉलोनी निवासी।
गांधी कॉलोनी के आसपास की गलियों में काफी सुधार की जरूरत है। बिजली निगम के अधिकारी गंभरीता बरतें, ताकि वर्षा में कोई हादसा न हो।
-पांचाल, गांधी कॉलोनी निवासी।
क्या कहना है अधिकारी का
सभी जर्जर खंभे को पहले ही बदला जा चुका है। नए सिरे से तार भी लगा दिए गए है। वर्षा को ध्यान में रखते फिर से कार्यकारी अभियांतोओ से कहा गया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में बारीकी से जांच करेऔर जो कमिया है उन्हे दूर करे।
-जितेंद्र ढुल, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम।

