March 7, 2026

साइबर ठगों ने आतंक का डर दिखाकर युवक से 8.93 लाख रुपये ठगे, कई मामलों में गिरफ्तारियां

Faridabad/Alive News: फरीदाबाद में साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को डराकर डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर 8 लाख 93 हजार रुपये ठग लिए। पीड़ित ने साइबर थाना एनआईटी में शिकायत दर्ज कराई है।

आतंकी गतिविधियों का भय दिखाकर ठगी
10 नवंबर को पीड़ित के मोबाइल पर एक अंजान नंबर से कॉल आई।कॉल करने वाले ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और कहा कि उसकी सिम आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल हुई है। ठग ने मामले में कार्रवाई का डर दिखाकर उससे कहा कि वह अपने बैंक खाते में मौजूद सभी पैसे एक दिए गए खाते में ट्रांसफर करे। डर की वजह से पीड़ित ने पूरी रकम ट्रांसफर कर दी। बाद में परिवार से बात करने पर उसे ठगी का पता चला, जिसके बाद उसने शिकायत दर्ज कराई।

16.34 लाख की ठगी: दो आरोपी गिरफ्तार
एक अन्य मामले में टेलीग्राम पर टास्क देकर 16.34 लाख रुपये की ठगी हुई। ठगों ने एक महिला से संपर्क कर होटल रेटिंग का काम देकर रोज 5–6 हजार रुपये कमाने का लालच दिया। बाद में उसे एक लिंक भेजकर रजिस्ट्रेशन कराया और शुरुआत में 10,000 रुपये बोनस भी भेजे।

फिर पैड टास्क के नाम पर महिला लगातार निवेश करती गई और उसने कुल 16.34 लाख रुपये भेज दिए।इसके बाद उसे कोई पैसा वापस नहीं मिला। साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने इस मामले में निखिल कुमारदीपांशु शर्मा को दिल्ली के शाहदरा से गिरफ्तार किया।

पूछताछ में पता चला कि दीपांशु के खाते में ठगी के 4.29 लाख रुपये आए थे, जिसे उसने आगे निखिल को दिया था, और निखिल ने ठगों को।

एपीके फाइल से 3.74 लाख रुपये की ठगी, एक गिरफ्तार
अगवानपुर के एक व्यक्ति ने शिकायत दी कि 8 सितंबर को उसके व्हाट्सऐप पर कार चालान के नाम से एक मैसेज आया। मैसेज में भेजी गई एपीके फाइल जैसे ही उसने खोली, उसके खाते से सीधे 3.74 लाख रुपये कट गए।

पुलिस ने इस मामले में सुधांशु झा को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। सुधांशु ठगों के लिए बैंक खाते उपलब्ध करवाता था। उसने अंकित नाम के खाताधारक का खाता ठगों को दिया था, जिसमें ठगी के 1.99 लाख रुपये आए थे।

पुलिस का कहना है कि साइबर ठग अलग-अलग तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या फाइल पर भरोसा न करें।