March 7, 2026

दुष्कर्म पीड़िता के बयान से मुकरने पर अदालत की सख्त टिप्पणी, दोषी को 10 साल की सजा

Faridabad/Alive News: दुष्कर्म के एक मामले में पीड़िता के अदालत में अपने बयान से मुकरने पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति लांबा की अदालत ने कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने टिप्पणी की कि यौन अपराध की पीड़िता का ऐसा आचरण और व्यवहार स्वीकार्य नहीं है और संभव है कि पीड़िता ने दोषी के प्रभाव में आकर बयान बदला हो।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पीड़िता द्वारा तीन सरकारी एजेंसियों के समक्ष दिए गए स्पष्ट बयानों से मुकरने के कारण उसे कोई मुआवजा नहीं दिया जा सकता। हालांकि, पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए अदालत ने आरोपित को दोषी करार दिया और बुधवार को उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

मामले की जानकारी देते हुए चीफ डिफेंस काउंसिल रविंदर गुप्ता ने बताया कि यह मुकदमा 20 नवंबर 2021 को युवती की शिकायत पर एसजीएम नगर थाने में दर्ज किया गया था। शिकायत में युवती ने बताया था कि उसकी पहचान इंस्टाग्राम के जरिए एनआईटी-3 डीएवी कॉलेज के पास रहने वाले वसीम से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोस्ती हो गई।

युवती ने आरोप लगाया था कि 18 नवंबर 2021 की रात वसीम दीवार फांदकर उसके घर में घुस आया। उस समय परिवार के अन्य सदस्य रिश्तेदारी में गए हुए थे और घर में सिर्फ युवती और उसकी मां मौजूद थीं। मां दूसरे कमरे में सो रही थी। आरोप है कि वसीम ने युवती के कमरे में घुसकर उसका मुंह दबाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। युवती के शोर मचाने पर उसकी मां मौके पर पहुंची, जिसके बाद आरोपित धक्का देकर फरार हो गया।

बाद में परिवार के अन्य सदस्यों के लौटने पर पुलिस को शिकायत दी गई और मामला दर्ज किया गया, जो लंबे समय से अदालत में विचाराधीन था।