Faridabad/Alive News: केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम में बदलाव और कानून को कमजोर किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से शनिवार को एनआईटी स्थित सेक्टर-5 महात्मा गांधी पार्क में एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया गया। यह विरोध राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया।
इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद कांग्रेसियों ने एक स्वर में आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार बदले की भावना से गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर कुठाराघात कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा गरीब मजदूरों को रोजगार की गारंटी देने के लिए बनाए गए मनरेगा कानून को भाजपा सरकार धीरे-धीरे समाप्त करने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा वर्ष 2006 में लागू किया गया था, जिसके तहत देश के करोड़ों गरीब परिवारों को 100 दिन का कानूनी रोजगार सुनिश्चित किया गया था। अब भाजपा सरकार ने न केवल इस कानून से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाया है, बल्कि नए प्रावधान जोड़कर इसकी मूल भावना को भी कमजोर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मनरेगा पूरी तरह मांग आधारित कानून था और इसके बजट पर कोई सीमा नहीं थी, जबकि अब केंद्र सरकार यह तय कर रही है कि राज्यों को कितने दिन का काम मिलेगा।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह मनरेगा को कमजोर करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं करेगी और सड़कों से लेकर संसद तक आंदोलन जारी रहेगा। यदि केंद्र सरकार अपने फैसले वापस नहीं लेती है, तो देशभर में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन और तेज किए जाएंगे।
उपवास कार्यक्रम में पूर्व सांसद चौधरी बृजेंद्र सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बलजीत कौशिक, विधायक रघुवीर सिंह तेवतिया, हरियाणा कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष एवं जिला कोऑर्डिनेटर पूनम चौहान, पूर्व विधायक नीरज शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

