March 7, 2026

चिड़चिड़ापन और क्लास बंकिंग पर कॉलेजों की नजर, तनावग्रस्त छात्रों की होगी पहचान

Faridabad/Alive News: अब कॉलेज उन छात्रों पर खास ध्यान देंगे जो पढ़ाई में कमजोर हैं, अक्सर क्लास से गायब रहते हैं, चिड़चिड़े रहते हैं, थके हुए नजर आते हैं, क्लास में सुस्ती दिखाते हैं और खेलकूद गतिविधियों में हिस्सा नहीं लेते। ऐसे छात्रों की जांच की जाएगी कि कहीं वे मानसिक तनाव से तो परेशान नहीं हैं।

शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इसके तहत कॉलेजों के प्रिंसिपल और प्रोफेसरों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वे छात्रों में बढ़ते तनाव और नकारात्मक सोच को समय रहते पहचान सकें और आत्महत्या जैसे विचारों को रोका जा सके। जरूरत पड़ने पर तनाव से जूझ रहे छात्रों का इलाज मनोचिकित्सक से भी कराया जाएगा।

पहली बार जिले के कॉलेजों के प्रिंसिपल और प्रोफेसरों को इस विषय पर ट्रेनिंग दी जा रही है। गुरुवार और शुक्रवार को गुरुग्राम स्थित हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में दो दिन की वर्कशॉप आयोजित की जा रही है। इसमें पंडित जवाहरलाल नेहरू कॉलेज सेक्टर-16, गवर्नमेंट कॉलेज सेक्टर-23, गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज बल्लभगढ़, गवर्नमेंट कॉलेज तिगांव और गवर्नमेंट वूमेन कॉलेज सेक्टर-16 के प्रिंसिपल और प्रोफेसर हिस्सा ले रहे हैं।

उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में छात्रों में तनाव और आत्महत्या से जुड़े मामले सामने आए हैं। इसके पीछे पढ़ाई का दबाव, कड़ी प्रतिस्पर्धा, करियर की चिंता और सामाजिक कारण मुख्य वजह माने जा रहे हैं, जिसका सीधा असर छात्रों की मानसिक सेहत पर पड़ रहा है।

छात्रों का तनाव कम करने के लिए प्रोफेसर दोस्ताना रवैया अपनाएंगे। उन्हें छात्रों से खुलकर बातचीत करने, उनकी समस्याएं समझने और सकारात्मक माहौल बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। ट्रेनिंग के बाद ऐसे छात्रों की पहचान की जाएगी और उनके तनाव को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

जिला उच्च शिक्षा अधिकारी रीतिका गुप्ता ने बताया कि छात्रों में बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रिंसिपलों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके बाद प्रोफेसरों की मदद से तनावग्रस्त छात्रों की पहचान कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।