September 23, 2026

चीन ने बदला रक्षा कानून: युद्ध में आम लोगों और कंपनियों के संसाधन भी ले सकेगी सरकार

China new defense law allows government to use civilian resources during war

International/Alive News: चीन ने अपनी रक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय रक्षा लामबंदी कानून में बड़ा बदलाव किया है। चीन की संसद ने 28 अगस्त को संशोधित कानून को मंजूरी दी। यह नया कानून 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।

नए कानून के तहत युद्ध या किसी बड़े संकट की स्थिति में सरकार जरूरत पड़ने पर सेना के अलावा आम लोगों, निजी कंपनियों और देश के दूसरे संसाधनों का भी इस्तेमाल कर सकेगी। सरकारी आदेश नहीं मानने या जानबूझकर देरी करने पर कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है।

राष्ट्रीय रक्षा लामबंदी कानून पहली बार 2010 में बनाया गया था। अब करीब 16 साल बाद इसमें बड़ा बदलाव किया गया है। संशोधित कानून में 14 अध्याय और 82 अनुच्छेद हैं।

कम्युनिस्ट पार्टी की भूमिका बढ़ी

नए कानून में राष्ट्रीय रक्षा लामबंदी की व्यवस्था को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के अधीन किया गया है। इसके तहत युद्ध या संकट के समय संसाधनों को जुटाने और उनका इस्तेमाल करने की व्यवस्था को पार्टी के नेतृत्व में रखा गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक नए प्रावधानों में रिजर्व फोर्स, सैनिक भर्ती, जरूरी सामान का भंडारण और रक्षा से जुड़ी ट्रेनिंग पर भी जोर दिया गया है।

अस्पताल से लेकर इंटरनेट तक की तैयारी

नए कानून में कई जरूरी सेवाओं को भी राष्ट्रीय रक्षा की तैयारी से जोड़ा गया है। परिवहन, डाक, दूरसंचार, साइबर सुरक्षा, अस्पताल, दवा आपूर्ति, खाद्य और अनाज की सप्लाई तथा इंजीनियरिंग से जुड़े संस्थानों को जरूरत के समय काम करने के लिए तैयार रहना होगा।

इन क्षेत्रों में विशेष टीमें बनाई जाएंगी और उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका उद्देश्य संकट की स्थिति में जरूरी सेवाओं को तेजी से रक्षा व्यवस्था के साथ जोड़ना है।

साइबर सुरक्षा और नई तकनीक पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। चीन अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कह रहा है।

विकास से जुड़े हित भी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा

संशोधित कानून में चीन की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता के साथ ‘विकास हितों’ की सुरक्षा को भी शामिल किया गया है।

इसका मतलब है कि राष्ट्रीय सुरक्षा की परिभाषा अब सिर्फ सीमा और सैन्य खतरे तक सीमित नहीं रहेगी। अर्थव्यवस्था, जरूरी संसाधन, तकनीकी विकास और विदेशों में चीन से जुड़े हित भी सुरक्षा के दायरे में आ सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव चीन के 2020 में संशोधित राष्ट्रीय रक्षा कानून में किए गए प्रावधानों से भी जुड़ा है।

विदेशों में रहने वाले चीनी नागरिक भी दायरे में आ सकते हैं

चीन के कुछ कानून देश की सीमाओं के बाहर रहने वाले लोगों पर भी लागू होते हैं। इसी वजह से नए रक्षा कानून को लेकर विदेशों में रहने वाले चीनी नागरिकों और कंपनियों पर संभावित असर को लेकर भी चर्चा हो रही है।

चीन ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई कानूनों का दायरा बढ़ाया है। इससे विदेश में रहने वाले लोगों और वहां काम करने वाली चीनी कंपनियों पर भी कुछ परिस्थितियों में चीनी कानून लागू होने की संभावना बनी रहती है।

क्या चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है?

नए कानून के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या चीन किसी संभावित युद्ध की तैयारी कर रहा है। हालांकि विशेषज्ञों की राय इस मुद्दे पर अलग-अलग है।

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कानून में किए गए बदलाव वैश्विक तनाव और संभावित सैन्य संघर्षों को देखते हुए चिंता बढ़ाने वाले हैं। वहीं कुछ विशेषज्ञ इसे चीन की लंबे समय से चल रही रक्षा तैयारियों का हिस्सा मानते हैं और इसे किसी तत्काल युद्ध की तैयारी के तौर पर नहीं देखते।

विशेषज्ञों के मुताबिक चीन पिछले कई वर्षों से अपनी सेना के साथ-साथ अर्थव्यवस्था, उद्योग, तकनीक और जरूरी सेवाओं को भी संभावित संकट के लिए तैयार कर रहा है।

नए कानून से इतना जरूर स्पष्ट होता है कि चीन की रक्षा रणनीति अब केवल सेना तक सीमित नहीं है। किसी बड़े संकट की स्थिति में आम लोग, निजी कंपनियां, जरूरी सेवाएं, तकनीक और संसाधन भी राष्ट्रीय रक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।