March 7, 2026

बाल विवाह दंडनीय अपराध, सभी सहभागी आएंगे कानून के दायरे में : डीसी

Faridabad/Alive News: भारत सरकार के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत उपायुक्त आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में एनआईटी जोन, डबुआ, पथवारी कॉलोनी और मछगर गांव सहित विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में लोगों को बाल विवाह न करने और न होने देने की शपथ दिलाई गई।

संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी हेमा कौशिक ने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह गंभीर और दंडनीय अपराध है। इसमें केवल माता-पिता ही नहीं, बल्कि विवाह में शामिल रिश्तेदार, बिचौलिये व अन्य सहयोगी भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आते हैं।

उन्होंने आमजन से अपील की कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस थाना या हेल्पलाइन नंबर 112 पर जानकारी दें। जिला प्रशासन बाल विवाह की रोकथाम के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।