Uttar Pradesh/Alive News: धर्मांतरण कराने वाला जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा बलरामपुर में इस्लामिक दावा केंद्र बनाना और कई जिलों की डेमोग्राफी बदलना मंसूबा था। छांगुर बाबा हर दांव आजमा कर लोगों को धर्मांतरण के लिए बरगलाता था।
हजारों लोगों का अवैध धर्मांतरण कराने वाला जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा बलरामपुर और आसपास के जिलों की डेमोग्राफी बदलना चाहता था, जिसके लिए वह हिंदुओं को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए हर तरह का प्रलोभन देता था। उसका मंसूबा बलरामपुर में इस्लामिक दावा सेंटर और मदरसा बनाने का भी था।
वह हिंदू धर्म के प्रति घृणा और वैमनस्यता फैलाकर शरिया कानून स्थापित कर भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहता था। एटीएस ने छांगुर बाबा और उसकी करीबी नीतू उर्फ नसरीन को रिमांड पर लेने के लिए अदालत को यह जानकारी दी है।
राजधानी स्थित एनआईए की विशेष अदालत के विशेष न्यायाधीश हुसैन अहमद अंसारी ने छांगुर बाबा और नसरीन की सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की है।
एटीएस की ओर से ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी ने अदालत को बताया कि छांगुर बाबा संगठित रूप से हिंदू, गैर-मुस्लिम समुदाय के गरीबों, असहाय मजदूरों, कमजोर वर्ग के लोगों, विधवा महिलाओं को आर्थिक मदद करने, शादी कराने, नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर अवैध तरीके से धर्मांतरण कराता था। कई लोगों का उसने डरा-धमका कर धर्मांतरण कराया है। वह अवैध धर्मांतरण कर मुस्लिम धर्म के लोगों की जनसंख्या बढ़ाकर देश की जनसांख्यिकी को प्रभावित कर रहा था, जिसका उद्देश्य प्रजातांत्रिक व्यवस्था को समाप्त कर भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाना था।

