Faridabad/Alive News: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि को नई ऊर्जा और नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेंगे, जिसमें श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा करेंगे।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस बार नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार से होने के कारण मां दुर्गा का आगमन पालकी (डोली) में माना जा रहा है। मान्यता है कि पालकी में देवी का आगमन समाज और प्रकृति में उतार-चढ़ाव, आर्थिक मंदी या प्राकृतिक आपदाओं के संकेत दे सकता है।
वहीं, नवरात्रि का समापन 27 मार्च को शुक्रवार के दिन होगा, जिसके चलते देवी दुर्गा की विदाई हाथी पर मानी जा रही है। धार्मिक दृष्टि से हाथी समृद्धि, स्थिरता और खुशहाली का प्रतीक होता है। इसे अच्छी वर्षा, कृषि में लाभ और आर्थिक सुधार के संकेत के रूप में देखा जाता है।
पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे शुरू होकर 20 मार्च को सुबह 4:52 बजे समाप्त होगी। इसी दिन घटस्थापना की जाएगी। साथ ही इस दिन गुड़ी पड़वा और हिंदू नववर्ष भी मनाया जाएगा।
नवरात्रि के नौ दिनों तक भक्त पूरे श्रद्धा भाव से मां दुर्गा की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

