Faridabad/Alive News: फरीदाबाद नगर निगम अब शहर में घरों तक पहुंचने वाले पीने के पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर रहा है। इसके तहत बूस्टर से पानी के सैंपल लिए जाएंगे और उन्हें लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि सप्लाई हो रहे पानी की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके।
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि हाल ही में इंदौर में हुई घटना के बाद निगम पानी की सप्लाई को लेकर सतर्क हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम तीन दिनों के भीतर एक SOP तैयार करेगा, जिससे शहर के करीब ढाई लाख घरों में सप्लाई होने वाले पानी की गुणवत्ता तय की जा सके।
इस SOP को तैयार करने की जिम्मेदारी नगर निगम के दो एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, रीश कुमार और डालचंद को दी गई है। दोनों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। ये अधिकारी अलग-अलग बूस्टर से पानी के सैंपल लेकर जांच करवाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि पानी तय मानकों के अनुसार ही सप्लाई हो।
अभी नगर निगम के पास बूस्टर से पानी सप्लाई करने का कोई तय मापदंड नहीं है। बिना जांच के ही पानी सीधे लोगों के घरों तक पहुंच रहा है, जिसके कारण कई बार लोगों को बुखार, उल्टी और दस्त जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
फरीदाबाद में पानी की सप्लाई की जिम्मेदारी फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) और नगर निगम के पास है। FMDA 22 रैनीवेल से पानी सप्लाई करता है, जबकि नगर निगम 1,723 ट्यूबवेल के जरिए पानी उपलब्ध कराता है। यह पानी नगर निगम के 69 बूस्टरों के माध्यम से पूरे शहर में सप्लाई किया जाता है। फिलहाल शहर में करीब 2.50 लाख पानी के कनेक्शन हैं।
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने साफ कहा कि पानी की गुणवत्ता को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। लोगों के घरों तक पहुंचने वाला पानी तय मानकों पर खरा उतरना चाहिए। SOP लागू होने के बाद उसी के अनुसार पानी की सप्लाई की जाएगी।

