March 7, 2026

नगर निगम के चर्चित 225 करोड़ के घोटाले में एसीबी ने 20 लोगों के खिलाफ किया चालान पेश

Faridabad/Alive News : फरीदाबाद नगर निगम में 225 करोड़ रुपये के घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 20 लोगों के खिलाफ चालान पेश कर दिया है। इस मामले में नगर निगम की अलग अलग शाखाओं में कार्यरत 20 कर्मचारी सहित ठेकेदारों के नाम भी शामिल है।

यह मामला साल 2017 का है, जब नगर निगम के 11 वार्डों में फर्जी विकास कार्य दिखाकर बिल लगाकर भुगतान कर लिया गया था। एसीबी की जांच में सामने आया कि वार्ड 8, 9, 10, 31, 33 से 40 तक के क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत, सीवर, स्ट्रीट लाइट, पानी की पाइप लाइन, नालियों आदि के नाम पर विकास कार्य दर्शाए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम हुआ ही नहीं।

इस घोटाले में तत्कालीन कार्यकारी अभियंता, जेई, ठेकेदारों और निजी फर्मों के लोगों की मिलीभगत सामने आई है। एसीबी ने दो आईएएस अधिकारियों के खिलाफ भी शासन से अनुमति मांगी है,  जिसके बाद इन सबको भी सप्लीमेंट्री चालान कर सकता है।

एसीबी की टीम ने 16 जून 2022 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें आरोपियों पर आईपीसी की धारा 166, 167, 201, 218, 409, 420, 467, 468, 471, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। अब पूरी जांच के बाद चालान विशेष अदालत में पेश कर दिया गया है।

एसीबी द्वारा चालान में नामित अधिकारी और कर्मचारियों के नाम सतवीर सिंह (ठेकेदार), दीपक कुमार (तत्कालीन सहायक कार्यकारी अभियंता), रमन कुमार (तत्कालीन कार्यकारी अभियंता), राजन तेवतिया (तत्कालीन आउटसोर्सिंग कार्यकारी अभियंता), दौलत राम भास्कर (तत्कालीन मुख्य अभियंता), नवीन रात्रा (तत्कालीन क्लर्क), दीपा पब्बी (लेखा शाखा तत्कालीन अधीक्षक), सीमा भाटिया (तत्कालीन अधीक्षक लेखा शाखा), शशि आर्य (अधीक्षक लेखा शाखा), सतीश कुमार (तत्कालीन ऑफिसर इंचार्ज अकाउंट ऑडिट शाखा), विशाल कौशिक (तत्कालीन लेखाधिकारी लेखा शाखा), जरीना (तत्कालीन ऑडिटर ऑडिट शाखा), अमित (तत्कालीन ऑडिटर ऑडिट शाखा), सुनील कुमार (तत्कालीन ऑडिटर ऑडिट शाखा), राजेंद्र सिंह (तत्कालीन ऑडिटर ऑडिट शाखा), मनीष शर्मा (तत्कालीन  सीनियर ऑडिटर ऑडिट शाखा), नवीन कुमार उर्फ नवीन यादव (तत्कालीन सीनियर ऑडिटर ऑडिट शाखा), दीपक धापर (तत्कालीन संयुक्त निदेशक ऑडिट शाखा), पंकज (तत्कालीन आउट सोर्सिंग क्लर्क), प्रदीप कुमार (तत्कालीन आउट सोर्सिंग क्लर्क नगर निगम फरीदाबाद)