March 7, 2026

प्रमुख नागरिक गोष्ठी में संघ की सौ वर्ष की यात्रा और समाज परिवर्तन पर हुआ संवाद

Faridabad/Alive News : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में महानगर पूर्व में एक प्रमुख नागरिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का मुख्य विषय सीए, टैक्स एवं फाइनेंस कंसल्टेंट्स, बैंकर और यंग प्रोफेशनल्स रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य संघ की सौ वर्ष की यात्रा तथा समाज परिवर्तन से जुड़े विचारों पर समाज के प्रमुख नागरिकों के साथ संवाद करना था।

सेक्टर-16ए स्थित ग्रांड कोलम्बस स्कूल में आयोजित इस गोष्ठी में मुख्य अतिथि डॉ. राकेश गुप्ता और विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला टैक्स बार फरीदाबाद के अध्यक्ष एस.के. भारद्वाज उपस्थित रहे। डॉ. राकेश गुप्ता ने अपने संबोधन में टैक्स और वित्त क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के लिए नैतिकता और राष्ट्रीय दृष्टिकोण के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं, एस.के. भारद्वाज ने ऐसे विषयों पर संघ द्वारा निरंतर कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता बताई।

मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हरियाणा प्रांत के प्राध्यापक प्रमुख एवं शिक्षाविद प्रोफेसर पवन सिंह ने समाज के सामूहिक पुरुषार्थ और राष्ट्रीय चेतना के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संघ पिछले सौ वर्षों से राष्ट्र साधना और सेवाकार्य में निरंतर सक्रिय है और यह यात्रा समाज के सहयोग और आशीर्वाद से गौरवमयी एवं प्रेरणादायी रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हिंदू दर्शन की स्वीकार्यता देश-विदेश में तेजी से बढ़ रही है।

प्रो. पवन सिंह ने समाज में जागरूकता लाने के उपायों पर चर्चा करते हुए स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और कुटुम्ब प्रबोधन को संघ के प्रमुख उद्देश्यों में बताया। उन्होंने कहा कि “जैसा व्यक्ति होगा वैसा समाज होगा और जैसा समाज होगा वैसा देश बनेगा,” तथा संघ के पंच परिवर्तन ही समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम हैं।

कार्यक्रम स्थल पर संघ के सौ वर्षों के सेवा कार्यों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी, राष्ट्रीय विचारों का साहित्य और गौ सेवा से संबंधित स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। सह विभाग संघचालक जयकिशन और फरीदाबाद पूर्व महानगर संघचालक उमेश कुमार के सानिध्य में आयोजित इस गोष्ठी में अरुण वालिया, मुकेश अग्रवाल, विवेक गर्ग और राजीव कुमार की सराहनीय भूमिका रही। मंच संचालन मनोज रूंगटा ने किया। अंत में सामूहिक जलपान के साथ गोष्ठी का समापन हुआ।