November 3, 2026

अब स्कूलों में छोटी समस्याओं के समाधान के लिए नहीं करना होगा इंतजार, सीधे मिलेगी ग्रांट

हरियाणा में 1107 निजी स्कूल RTE नियमों के उल्लंघन और दस्तावेज न देने पर ब्लैकलिस्ट किए गए।

Faridabad/Alive News: सरकारी स्कूलों में शौचालय, पेयजल, बिजली और साफ-सफाई जैसी छोटी समस्याओं को दूर कराने के लिए अब स्कूल प्रबंधन समितियों को शिक्षा विभाग के मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। शिक्षा विभाग ने स्कूलों को विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर सीधे ग्रांट देने का फैसला किया है। इसके तहत स्कूलों को 10 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की राशि मिलेगी। इससे स्कूल अपनी जरूरत के अनुसार जरूरी काम करा सकेंगे।

विभाग के निर्देशों के अनुसार, 1 से 30 विद्यार्थियों वाले स्कूलों को 10 हजार, 31 से 100 विद्यार्थियों वाले स्कूलों को 25 हजार, 101 से 250 विद्यार्थियों वाले स्कूलों को 50 हजार और 251 से 1000 विद्यार्थियों वाले स्कूलों को 75 हजार रुपये मिलेंगे। वहीं, 1000 से अधिक विद्यार्थियों वाले स्कूलों को एक लाख रुपये दिए जाएंगे।

स्कूल प्रबंधन समिति लेगी खर्च का फैसला

ग्रांट की राशि का 10 प्रतिशत स्वच्छता, 20 प्रतिशत शिक्षण सामग्री और 70 प्रतिशत अन्य जरूरी कार्यों पर खर्च किया जा सकेगा। स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक में खर्च तय होगा। जिला शिक्षा अधिकारी अंशु सिंगला ने बताया कि स्कूलों को खर्च का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा। खरीदी गई सामग्री का ब्योरा स्टॉक रजिस्टर और खर्च की जानकारी स्कूल के सूचना पट्ट पर दर्ज करनी होगी।