Faridabad/Alive News : स्कूलों में बच्चों को अनुशासन सिखाने के नाम पर मारपीट की घटनाएं लगातार सवाल खड़े कर रही हैं। फरीदाबाद के सरूरपुर स्थित दुर्गा कॉलोनी के एक निजी स्कूल में तीसरी कक्षा के 9 वर्षीय छात्र की पिटाई का मामला सामने आया है। आरोप है कि होमवर्क पूरा नहीं करने पर शिक्षिका ने छात्र संस्कार को इतनी बुरी तरह पीटा कि उसके कान से खून निकलने लगा। बच्चे के गाल, गर्दन और कान पर भी चोटें आई हैं। घटना के बाद जब अभिभावक स्कूल प्रबंधन के पास शिकायत लेकर पहुंचे तो उनकी समस्या सुनने के बजाय बच्चे को स्कूल से निकालने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
छात्र के पिता कुलदीप ने बताया कि बच्चा एक दिन अपनी नानी के घर गया था। इस वजह से वह स्कूल का गृहकार्य पूरा नहीं कर पाया। शुक्रवार सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच शिक्षिका पारुल ने इसी बात को लेकर उसकी पिटाई कर दी। पिता के अनुसार, मारपीट इतनी गंभीर थी कि बच्चे के कान से खून बहने लगा। चोट के कारण वह ठीक से कुछ खा-पी भी नहीं पा रहा है।
परिजनों का आरोप है कि यह पहली घटना नहीं है। करीब 15 दिन पहले भी स्कूल देर से पहुंचने पर इसी शिक्षिका ने बच्चे की पिटाई की थी। उस समय शिक्षिका की ओर से गलती स्वीकार किए जाने के बाद परिवार ने मामला आगे नहीं बढ़ाया था। लेकिन दोबारा हुई घटना ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
पिता का कहना है कि घटना के बाद वे स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगने पहुंचे थे, लेकिन उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई। उल्टा बच्चे को स्कूल से निकालने की धमकी दी गई। इसके बाद परिजन घायल बच्चे को उपचार के लिए बीके नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। उन्होंने मामले में पुलिस से शिकायत करने की बात कही है।
घटना से जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अब सवाल यह है कि स्कूल में छोटे बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है और ऐसी घटनाओं पर स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही कैसे तय होगी। मामले में शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।
स्कूल प्रबंधन का पक्ष: इस संबंध में स्कूल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।

