October 23, 2026

कक्षाओं तक योग पहुंचाना शिक्षकों की जिम्मेदारी : सुमिता रांगी

Gurugram/Alive News:विद्यार्थियों को योग से जोड़कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने में शिक्षक अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि शिक्षक स्वयं योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और प्रशिक्षण में सीखे गए अभ्यासों को विद्यार्थियों तक पहुंचाएं। योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति और पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने का भी माध्यम है। यह संदेश जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) गुरुग्राम की प्रिंसिपल सुमिता रांगी ने दिया।

डायट गुरुग्राम में चल रहे योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान सुमिता रांगी ने स्वयं योगाभ्यास किया और प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग भारत की विश्व को अनमोल देन है। वर्तमान समय में विद्यार्थियों को तनाव और विभिन्न बीमारियों से दूर रखने के लिए विद्यालयों में योग को बढ़ावा देना आवश्यक है। नियमित योगाभ्यास से विद्यार्थियों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होने के साथ पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने में भी मदद मिलती है।

प्रशिक्षण विंग प्रभारी सोना यादव की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम में एससीईआरटी हरियाणा, गुरुग्राम से रामकिशोर पूनिया ने भी दौरा किया। उन्होंने प्रशिक्षण की जानकारी ली, अपने अनुभव साझा किए और आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ प्रतिभागियों से फीडबैक भी लिया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में डायट प्रभारी पृथ्वीराज, वरिष्ठ प्राध्यापक तखत सिंह चौहान, वरिष्ठ प्राध्यापक अरुण कुमार राघव, मुकेश कुमार शर्मा और संस्थान के अन्य स्टाफ सदस्यों का सहयोग रहा।