October 7, 2026

हादसे के बाद भी बात कर रहा था कुलदीप, परिजनों का आरोप- बीके अस्पताल में करीब डेढ़ घंटे तक नहीं मिला समुचित इलाज

पिता लाल राम ने अस्तपाल पर लगाया आरोप

Faridabad/Alive News: हादसे में घायल 19 वर्षीय युवक की मौत के बाद एक बार फिर बीके अस्पताल में इलाज में लापरवाही के आरोप लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद वह बात कर रहा था और लोगों को पहचान भी रहा था, लेकिन बीके अस्पताल पहुंचने के बाद करीब सवा से डेढ़ घंटे तक उसे समुचित उपचार नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच सकती थी। 

लाल राम के अनुसार, युवक का नाम कुलदीप है,जो आईटीआई में पढ़ाई करता था और रोजाना की तरह बुधवार को भी पढ़ने के लिए आया था। जिस दौरान रास्ते में उसके साथ एक हादसा हो गया और हादसे में उसके सिर और पैर में चोट लगी थी। उनका कहना है कि उसे पहले निजी अस्पताल लेकर गए। वहां से उसे बीके अस्पताल लाया गया। परिवार का आरोप है कि अस्पताल में पहुंचने पर कुलदीप बातचीत कर रहा था। उसे इंजेक्शन दिया गया और सिर में टांके लगाए गए, लेकिन इसके बाद आगे का इलाज नहीं किया गया। करीब एक से डेढ़ घंटे तक कुलदीप को लिटाकर रखा गया। इस दौरान न तो डॉक्टर ने दोबारा उसकी गंभीरता से जांच की और न ही आगे के उपचार की व्यवस्था की गई। परिवार का आरोप है कि न ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई गई और न ही खून चढ़ाने या अन्य जरूरी उपचार की व्यवस्था की गई। बाद में उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।

उन्होंने कहा कि कुलदीप के सिर में गंभीर चोट होने के बावजूद समय रहते उपचार नहीं मिलने से उसकी हालत बिगड़ी। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि यह घटना सरकारी अस्पतालों में मरीजों को समय पर उपचार मिलने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

क्या कहना है अधिकारी का

पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।  

– विकास गोयल, कार्यकारी पीएमओ जिला अस्पताल