October 2, 2026

दक्ष फाउंडेशन के KAB2026 के दसवें संस्करण में 35 स्कूलों के बच्चों ने बुजुर्गों से साझा की यादें और सीख

KAB2026 कार्यक्रम में बुजुर्गों के साथ विद्यार्थी

Faridabad/Alive News: अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर दक्ष फाउंडेशन की सामाजिक पहल “ख़्याल अपने बुज़ुर्गों का” (#KAB2026) का दसवां संस्करण अमृता हॉस्पिटल के मातामृतानंदमयी ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की थीम “उनकी विरासत, हमारी पहचान” रही। इसमें फरीदाबाद के करीब 35 स्कूलों के विद्यार्थियों ने अपने दादा-दादी और नाना-नानी के साथ हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को बुजुर्गों के अनुभव, पारिवारिक मूल्यों और जीवन की सीख से जोड़ना रहा। वक्ताओं ने कहा कि बुजुर्गों की विरासत केवल पुरानी यादों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जीवन के अनुभव और परिवार के संस्कार भी शामिल हैं। इन अनुभवों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए परिवार में संवाद और आपसी सम्मान जरूरी है।

दक्ष फाउंडेशन की ओर से ब्रिगेडियर एन. एन. माथुर ने स्वागत संबोधन दिया। उन्होंने अतिथियों, विद्यार्थियों, स्कूलों, अभिभावकों और वरिष्ठ नागरिकों का स्वागत करते हुए पीढ़ियों के बीच संवाद और अपनापन बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत #KAB की दस साल की यात्रा पर आधारित ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति से हुई।

कार्यक्रम में डॉ. अजीत तेवतिया, जनरल काउंसिल सदस्य, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस (NISD), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार तथा केंद्रीय इस्पात मंत्रालय के सदस्य, विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कवि एवं लेखक दिनेश रघुवंशी भी मौजूद रहे। उन्होंने अपनी कविताओं की प्रस्तुति से कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ा।

डॉ. अजीत तेवतिया ने दक्ष फाउंडेशन की पहल की सराहना करते हुए टीम को दसवें संस्करण के आयोजन की बधाई दी। उन्होंने बुजुर्गों के सम्मान और उनके अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने को महत्वपूर्ण बताया।

अमृता हॉस्पिटल के हेड-मार्केटिंग एवं जनसंपर्क जागेश नायर ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। वहीं अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. रमेश के. चड्ढा ने स्वस्थ वृद्धावस्था और मानसिक स्वास्थ्य पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ उम्र बढ़ाने के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य, सक्रिय जीवनशैली और परिवार का भावनात्मक सहयोग भी जरूरी है।

कार्यक्रम में डीएवी पब्लिक स्कूल सेक्टर-14, श्रीराम मॉडल स्कूल सेक्टर-21ए और दिल्ली स्कॉलर्स इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर-88 के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इसके अलावा बच्चों और उनके दादा-दादी व नाना-नानी के लिए “मेरी कहानी, मेरी विरासत”, “तब और अब”, “अगर मैं फिर 18 वर्ष का होता…” और “टू जेनरेशन्स-वन टीम” जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं।

प्रतिभागियों ने लीगेसी कार्ड और लीगेसी वॉल पर अपनी सीख और संदेश लिखे। “एक सवाल जो मैंने कभी नहीं पूछा” और “एक वादा-एक रिश्ता” जैसी गतिविधियों के जरिए परिवार के सदस्यों को खुलकर बातचीत करने का अवसर मिला। कार्यक्रम का समापन सामूहिक विरासत प्रतिज्ञा और लीगेसी मोमेंट के साथ हुआ।

दक्ष फाउंडेशन की कोर टीम के सदस्यों सहित स्कूलों के विद्यार्थी, अभिभावक, वरिष्ठ नागरिक और स्वयंसेवक कार्यक्रम में मौजूद रहे। अंत में प्रयास दलाल ने सभी अतिथियों, अमृता हॉस्पिटल, स्कूलों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, वरिष्ठ नागरिकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।