September 25, 2026

मणिपुर में 4 नगा नागरिकों की गोली मारकर हत्या, KNA-B उग्रवादियों पर आरोप; 24 घंटे का बंद

मणिपुर के कामजोंग जिले में चार नगा नागरिकों की हत्या के बाद विरोध और बंद का ऐलान

Manipur/Alive News: मणिपुर के कामजोंग जिले में गुरुवार शाम हथियारबंद उग्रवादियों ने चार नगा नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी। स्थानीय लोगों ने इस हमले के लिए कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (KNA-B) के उग्रवादियों को जिम्मेदार ठहराया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। तांगखुल नागा लॉन्ग (TNL) ने शुक्रवार सुबह 7 बजे से 24 घंटे के आपातकालीन बंद का ऐलान किया है।

पुलिस के मुताबिक, हथियारों से लैस उग्रवादियों ने पिलोंग नगा गांव में ग्रामीणों पर गोलीबारी की। यह गांव कामजोंग जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित है।

मृतकों की पहचान फामी जाजो, निंगथेम कसाक, बेटरसन जाजो और वरेइशिम जाजो के रूप में हुई है। इनमें फामी जाजो और वरेइशिम जाजो पिता-पुत्र थे। चारों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए कामजोंग जिला मुख्यालय लाए गए हैं। स्थानीय संगठनों के मुताबिक, फरवरी में शुरू हुई हिंसा के बाद मणिपुर में इस साल अब तक 44 लोगों की मौत हो चुकी है।

जरूरी सेवाओं को बंद से रखा गया बाहर

चार नगा नागरिकों की हत्या के विरोध में तांगखुल नागा लॉन्ग ने 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है। संगठन ने कहा कि बंद के दौरान बिजली, चिकित्सा और दमकल जैसी जरूरी सेवाओं को छूट दी जाएगी।

इसके अलावा अंतिम संस्कार और शोक सभा में शामिल होने जाने वाले लोगों की आवाजाही पर भी कोई रोक नहीं रहेगी।

मुख्यमंत्री के उखरुल दौरे का विरोध

तांगखुल नागा युवाओं के संगठन खानुइथोट-खोन ने मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के 28 सितंबर को उखरुल के प्रस्तावित दौरे का विरोध किया है।

संगठन का कहना है कि हाल की हत्याओं और नागा बहुल इलाकों में जारी हिंसा को देखते हुए मुख्यमंत्री को अपने दौरे पर दोबारा विचार करना चाहिए। संगठन ने इलाके की सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताई है।

सरकार से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग

नागा संगठनों ने राज्य और केंद्र सरकार से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने हत्याओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और नागा बहुल इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने की अपील की है।

फिलहाल, स्थानीय लोगों ने हमले के लिए KNA-B उग्रवादियों पर आरोप लगाए हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले में आगे की जांच से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं है।