September 24, 2026

स्कूलों के 50 मीटर दायरे में जंक फूड पर नियम होंगे सख्त: FSSAI ने ड्राफ्ट जारी किया, नमक-चीनी और फैट की मात्रा से तय होगा नियम

स्कूलों के 50 मीटर दायरे में जंक फूड पर FSSAI के नए नियम

New Delhi/Alive News: देश में स्कूलों और उनके 50 मीटर के दायरे में ज्यादा नमक, चीनी और फैट वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर नियम और सख्त हो सकते हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इसे लेकर नए नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है।

दरअसल, 2020 से स्कूल की कैंटीन, मेस, हॉस्टल और स्कूल गेट के 50 मीटर के दायरे में ज्यादा नमक, चीनी और फैट वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री और बच्चों को आकर्षित करने वाले ऐसे खाद्य पदार्थों के विज्ञापन पर रोक है। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं था कि किन-किन खाद्य पदार्थों को इस नियम के तहत शामिल किया जाए।

नए ड्राफ्ट में खाद्य पदार्थों में मौजूद नमक, चीनी और फैट की मात्रा के आधार पर यह तय करने की व्यवस्था की जा रही है कि किसी प्रोडक्ट की बिक्री स्कूल परिसर या उसके 50 मीटर के दायरे में की जा सकती है या नहीं।

अभी चिप्स-बिस्किट पर सीधी रोक नहीं

फिलहाल चिप्स, बिस्किट, नमकीन और कोल्ड ड्रिंक जैसे किसी खास प्रोडक्ट को सीधे प्रतिबंधित नहीं किया गया है। नए नियमों में पोषक तत्वों की मात्रा के आधार पर यह तय किया जाएगा कि कौन-से खाद्य पदार्थ बच्चों के लिए ज्यादा नुकसानदायक माने जाएंगे। ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिए जाने के बाद प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

FSSAI ने अभी हेल्दी मेन्यू तय नहीं किया

FSSAI के अनुसार, स्कूलों के लिए फिलहाल कोई अनिवार्य हेल्दी मेन्यू या खाने की सूची तय नहीं की गई है। ड्राफ्ट फाइनल होने के बाद पोषक तत्वों से जुड़े मानकों के आधार पर खाद्य पदार्थों की सूची तैयार की जा सकती है। नियम और सूची तय होने के बाद स्कूल स्टाफ को भी इसके पालन के लिए ट्रेनिंग और जरूरी गाइडेंस दी जाएगी।

‘ईट राइट स्कूल’ कार्यक्रम अभी स्वैच्छिक

FSSAI का ‘ईट राइट स्कूल’ कार्यक्रम फिलहाल स्कूलों के लिए अनिवार्य नहीं है। स्कूल अपनी इच्छा के अनुसार इस कार्यक्रम से जुड़ सकते हैं। वहीं, स्कूलों के आसपास 50 मीटर के दायरे में नियमों का पालन करवाने और इसकी निगरानी की जिम्मेदारी राज्यों के खाद्य सुरक्षा विभागों की होगी।

नियम कब से पूरी तरह लागू होंगे?

FSSAI के नए नियम अभी ड्राफ्ट के स्तर पर हैं। इन्हें अंतिम रूप देने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन खाद्य पदार्थों पर रोक लागू होगी और नए मानक कब से प्रभावी होंगे। फिलहाल इसे पूरी तरह लागू करने की कोई निश्चित डेडलाइन तय नहीं की गई है।