Faridabad/Alive News: ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सोमवार से चल रही डॉक्टरों की हड़ताल मंगलवार दोपहर बाद खत्म हो गई। डीन डॉ. कालिदास चव्हाण के साथ मांगों पर सहमति बनने के बाद पीजी, सीनियर रेजिडेंट, यूजी और इंटर्न डॉक्टर काम पर लौट आए। हड़ताल के कारण लगातार दो दिन अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं और 20 से अधिक ऑपरेशन टालने पड़े। अब अस्पताल प्रबंधन के सामने इन ऑपरेशन को दोबारा शेड्यूल करने और मरीजों की नियमित सेवाएं पूरी तरह सामान्य करने की चुनौती है।
डॉक्टरों ने सर्जरी विभाग के एक पीजी डॉक्टर की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने के मामले में जांच की मांग की थी। डॉक्टरों का आरोप था कि उन्हें समय पर उपचार, एंबुलेंस और विशेषज्ञ डॉक्टर की सुविधा नहीं मिल पाई। बाद में उन्हें अमृता अस्पताल ले जाना पड़ा। अब इस मामले की जांच मुख्यालय स्तर पर गठित होने वाली कमेटी करेगी।
डॉक्टरों के इलाज पर बनेगी पॉलिसी
हड़ताल खत्म होने के बाद अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों के इलाज को लेकर भी व्यवस्था बनाने पर सहमति बनी है। प्रबंधन की ओर से इस संबंध में दिल्ली मुख्यालय को पत्र भेजा गया है। पॉलिसी तैयार होने के बाद डॉक्टरों को जरूरत पड़ने पर अस्पताल में ही उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
अतिरिक्त ड्यूटी को लेकर भी आश्वासन
डॉक्टरों ने निर्धारित समय से अधिक ड्यूटी कराने का मुद्दा भी उठाया था। बातचीत के दौरान अतिरिक्त काम करने वाले डॉक्टरों को नियमानुसार जरूरी सुविधा देने पर सहमति बनी। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार लंबे समय तक ड्यूटी करने से काम का दबाव बढ़ता है, इसलिए ड्यूटी के समय को लेकर स्पष्ट व्यवस्था जरूरी है।
ओपीडी और आईपीडी भी हुई प्रभावित
हड़ताल के दौरान ओपीडी और आईपीडी की सेवाओं पर भी असर पड़ा। कई मरीजों को परेशानी हुई और कुछ ऑपरेशन की तारीख आगे बढ़ानी पड़ी। हालांकि इमरजेंसी और आईसीयू की सेवाएं जारी रहीं। सर्जरी विभाग में तैनात डॉक्टर रोहित ने बताया कि प्रबंधन के साथ बातचीत के बाद मांगों पर सहमति बनी, जिसके बाद डॉक्टर काम पर लौट गए।

