Faridabad/Alive News: टाटा कंपनी के साथ रीसाइक्लिंग प्रोजेक्ट में निवेश के नाम पर 1 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को गुरुग्राम की भोंडसी जेल से प्रोडक्शन पर लिया है। आरोपी पर ठगी के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने का आरोप है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, सेक्टर-7 बल्लभगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि वह इंस्टाग्राम पर सर्फिंग कर रहा था। इसी दौरान उसे इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन से जुड़ा एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद वह व्हाट्सऐप चैट पर पहुंचा, जहां उसकी बातचीत एक महिला से हुई।
पुलिस के मुताबिक, महिला ने उसे टाटा कंपनी के साथ रीसाइक्लिंग प्रोजेक्ट में निवेश करने और 300 प्रतिशत मुनाफा कमाने का झांसा दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। शिकायत के आधार पर साइबर थाना बल्लभगढ़ में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि आरोपी अनुराग वर्मा निवासी नोहर, जिला हनुमानगढ़, राजस्थान ने संदीप और आशीष के बैंक खाते खुलवाकर उन्हें आगे साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। इन खातों में ठगी के 1 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। संदीप और आशीष को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस के अनुसार, अनुराग वर्मा गुरुग्राम जिले में दर्ज एक अन्य साइबर ठगी के मामले में भी जेल में बंद था। उस मामले में भी उस पर अपना बैंक खाता ठगों को उपलब्ध कराने का आरोप है।
साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने आरोपी को भोंडसी जेल से प्रोडक्शन पर लिया। अदालत में पेश करने के बाद आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

