September 20, 2026

ड्यूटी के दौरान बिगड़ी रेजिडेंट डॉक्टर की तबीयत, इलाज के लिए भी अस्पताल में करना पड़ा इंतजार

Faridabad/Alive News: ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ड्यूटी के दौरान एक रेजिडेंट डॉक्टर की तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल की इमरजेंसी और मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। जनरल सर्जरी विभाग के पीजी रेजिडेंट डॉक्टर की ऑपरेशन थिएटर में अचानक तबीयत खराब हो गई। रेजिडेंट डॉक्टरों का आरोप है कि गंभीर हालत के बावजूद उन्हें ओटी से इमरजेंसी तक पहुंचाने में करीब 90 मिनट लग गए। इसके बाद भी जांच और उपचार से जुड़ी कई सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़ा। इस मामले को लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों ने डीन को पत्र लिखकर 24 घंटे में जवाब और कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

48 घंटे में 35 घंटे ड्यूटी के बाद बिगड़ी हालत

रेजिडेंट डॉक्टरों की ओर से दिए गए पत्र के अनुसार, संबंधित डॉक्टर ने पिछले 48 घंटों में करीब 35 घंटे ड्यूटी की थी। ओटी में ड्यूटी के दौरान उन्हें अचानक गंभीर कमजोरी महसूस हुई। स्थिति बिगड़ने पर हाथ-पैरों में कमजोरी और सुन्नपन की शिकायत होने लगी। डॉक्टरों ने इसे क्वाड्रीपारेसिस के लक्षण बताते हुए तत्काल चिकित्सा जांच की जरूरत जताई।

ओटी से इमरजेंसी तक पहुंचाने में लगा लंबा समय

पत्र में आरोप लगाया गया है कि डॉक्टर की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें ओटी से इमरजेंसी तक ले जाने के लिए करीब 90 मिनट तक नर्सिंग ऑफिसर उपलब्ध नहीं हुआ। रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि गंभीर स्थिति में मरीज को तत्काल स्ट्रेचर और मेडिकल सपोर्ट मिलना जरूरी है। इसके अलावा अस्पताल में सर्वाइकल हार्ड कॉलर उपलब्ध नहीं होने की बात भी पत्र में कही गई है। परिजनों या सहयोगियों को इसे बाहर से मंगवाना पड़ा।

जांच और एंबुलेंस को लेकर भी उठे सवाल

रेजिडेंट डॉक्टरों के अनुसार, इमरजेंसी में अनुरोध के बावजूद ब्लड रिपोर्ट आने में करीब तीन घंटे लगे। वहीं, एमआरआई कराने में भी देरी का आरोप लगाया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर न्यूरोलॉजी या न्यूरोसर्जरी विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हो सके। अस्पताल की एंबुलेंस नहीं मिलने पर निजी अस्पताल से एंबुलेंस बुलानी पड़ी। एमआरआई के लिए एमआरआई-संगत स्ट्रेचर उपलब्ध कराने को लेकर भी परेशानी होने का आरोप लगाया गया है।

अमृता अस्पताल में मिला इलाज

रेजिडेंट डॉक्टरों ने पत्र में बताया कि बाद में संबंधित डॉक्टर को अमृता अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। उन्होंने वहां मिली चिकित्सा सहायता के लिए आभार जताया। साथ ही ईएसआईसी अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

रेजिडेंट डॉक्टरों ने डीन से घटना की जांच कर जिम्मेदारी तय करने, अस्पताल में आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने और गंभीर मरीजों के लिए तत्काल चिकित्सा एवं विशेषज्ञ सहायता सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने 24 घंटे में लिखित जवाब और एक्शन टेकन रिपोर्ट नहीं मिलने पर आगे सामूहिक कदम उठाने की चेतावनी दी है।

रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा लगाए गए आरोपों पर अस्पताल प्रशासन का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। प्रशासन का पक्ष मिलने पर खबर में शामिल किया जाएगा।