New Delhi/Alive News: मणिपुर के तामेंगलोंग जिले के लीसांगफाई गांव में मंगलवार को दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया। कई फार्महाउसों में आग लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई है। मृतकों की पहचान किमजालहाई सिंगसोंग और फलनैचोंग सितल्हो के रूप में हुई है। दोनों इसी गांव की रहने वाली थीं।
बताया जा रहा है कि फलनैचोंग सितल्हो खेत में लकड़ियां इकट्ठा कर रही थीं, तभी उन्हें गोली मार दी गई। वहीं, किमजालहाई सिंगसोंग ने नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की थी और हाल ही में गांव लौटी थीं। वह अपने माता-पिता के साथ खेती में मदद कर रही थीं। दोनों की हत्या के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
इस घटना से तीन दिन पहले, 13 सितंबर को भी तामेंगलोंग जिले के टोलेन और नोनी के लोंगपी गांव में अलग-अलग घटनाएं हुई थीं। इन घटनाओं में चार कुकी लोगों की हत्या की गई थी। मृतकों में एक दंपती भी शामिल था। इस साल फरवरी में नागा और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुए नए संघर्ष में अब तक दोनों पक्षों के कम से कम 40 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।
मणिपुर सरकार ने विधानसभा में बताया था कि 3 मई 2023 को राज्य में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद अगस्त तक कम से कम 306 लोगों की मौत हुई थी। सरकार के अनुसार, 49 लोग अब भी लापता हैं। राज्य में पिछले कुछ समय से अलग-अलग इलाकों में हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं।
CRPF और संदिग्ध उग्रवादियों के बीच कई घंटे फायरिंग
इसी बीच कांगपोकपी जिले के चावांगकिनिंग नागा गांव में मंगलवार रात संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, हथियारों से लैस लोगों ने गांव में हमला किया और दो घरों को आग लगा दी। इसके बाद सुरक्षा बलों और हमलावरों के बीच करीब छह घंटे तक रुक-रुककर गोलीबारी हुई।
अधिकारियों के अनुसार, हमला रात करीब 10:30 बजे हुआ। बड़ी संख्या में हथियारबंद लोगों के गांव में पहुंचने की सूचना के बाद CRPF ने मोर्चा संभाला। घटना से कुछ घंटे पहले ही तामेंगलोंग के लीसांगफाई गांव में दो कुकी महिलाओं की हत्या हुई थी।
KZC ने शव दफनाने से मना किया
कुकी-जो काउंसिल (KZC) ने कुकी बहुल जिलों के नागरिक संगठनों से कहा है कि नागा हथियारबंद समूहों द्वारा मारे गए कुकी लोगों के शवों को फिलहाल दफन न किया जाए। काउंसिल के मुताबिक, शवों को नजदीकी कोल्ड स्टोरेज में रखा जाएगा।
काउंसिल ने कहा कि यह कुकी नागरिकों के खिलाफ हो रही हिंसा के विरोध में उठाया गया कदम है। KZC ने केंद्र और मणिपुर सरकार से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। मामले में सुरक्षा एजेंसियां घटनाओं की जांच कर रही हैं।

