September 14, 2026

ईरान में 50 घंटे पहाड़ों में छिपा रहा अमेरिकी पायलट, फिर 92 कमांडो ने किया खतरनाक रेस्क्यू

US pilot rescue operation in Iran after F-15E fighter jet crash

International/Alive News: ईरान में गिराए गए अमेरिकी F-15E फाइटर जेट के एक पायलट के खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो सामने आया है। अमेरिकी चैनल CBS को दिए इंटरव्यू में पायलट ने बताया कि वह ईरानी सैनिकों से बचने के लिए करीब 50 घंटे तक पहाड़ों में छिपा रहा।

सुरक्षा कारणों से पायलट की असली पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है और उसे इंटरव्यू में ‘ब्रावो’ नाम दिया गया है। वह F-15E फाइटर जेट DUDE 44 में वेपन सिस्टम्स ऑफिसर था।

मिसाइल लगने के बाद गिरा था F-15E

अमेरिकी F-15E फाइटर जेट अप्रैल में ईरानी मिसाइल की चपेट में आने के बाद गिर गया था। विमान में दो अमेरिकी सैनिक सवार थे। एक पायलट को कुछ घंटों के भीतर बचा लिया गया, जबकि दूसरे पायलट ब्रावो को सुरक्षित निकालने में करीब 50 घंटे लग गए।

ब्रावो ने बताया कि पैराशूट से उतरते समय वह सीधे जमीन पर गिरा था। हादसे में उसकी रीढ़ की हड्डी, हाथ और कंधे में फ्रैक्चर हो गया था। उसके टखने और सिर-चेहरे पर भी चोटें आईं।

इसके बावजूद वह विमान के मलबे वाली जगह से करीब 8 किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके तक पहुंचा और लगभग 7 हजार फीट ऊंचे पहाड़ पर छिप गया।

ईरानी सैनिक पहुंच गए थे बेहद करीब

ब्रावो के पास एक पिस्तौल और अपनी लोकेशन भेजने वाला डिवाइस था। इसी के सहारे वह अमेरिकी सेना से संपर्क बनाए रखने की कोशिश करता रहा।

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, उसकी तलाश कर रहे ईरानी सैनिक उससे कुछ सौ मीटर की दूरी तक पहुंच गए थे। इसी दौरान ब्रावो ने अमेरिकी सेना को संदेश भेजकर बताया कि वह घायल है, लेकिन जिंदा है।

इस संदेश के बाद अमेरिकी सेना ने उसके रेस्क्यू के लिए बड़े स्तर पर ऑपरेशन शुरू किया।

CIA, डेल्टा फोर्स और नेवी सील भी मिशन में शामिल

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना के इस मिशन में CIA, डेल्टा फोर्स और नेवी सील टीम-6 समेत विशेष टीमें शामिल थीं। ब्रावो की सही लोकेशन का पता लगाने में CIA ने मदद की।

इसके बाद अमेरिकी बॉम्बर और ड्रोन ने आसपास मौजूद ईरानी सैनिकों को निशाना बनाकर रेस्क्यू टीम के लिए रास्ता सुरक्षित करने की कोशिश की।

करीब दो दिन बाद 92 अमेरिकी स्पेशल ऑपरेटर्स ब्रावो को बचाने के लिए ईरान में पहुंचे। एयरफोर्स की रेस्क्यू टीम के दो जवान आखिरकार घायल पायलट तक पहुंचने में कामयाब रहे।

रेस्क्यू के बाद भी खत्म नहीं हुआ मिशन

ब्रावो ने रेस्क्यू टीम को देखकर इसे अपनी जिंदगी के सबसे खास पलों में से एक बताया। हालांकि, पायलट को बचाने के बाद भी ऑपरेशन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था।

रेस्क्यू मिशन में इस्तेमाल किए गए कुछ अमेरिकी विमान ईरान में फंस गए थे। बाद में अमेरिकी सैनिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और पीछे छूटे विमानों को नष्ट कर दिया गया, ताकि उनकी सैन्य तकनीक ईरान के हाथ न लग सके।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस अभियान को अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक बताया।