New Delhi/Alive News: भारतीय सेना ने वर्ष 2025-26 की अपनी सालाना रिपोर्ट में देश की सीमाओं और जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति को लेकर अहम जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सैनिकों की संख्या कम की है। वहीं जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में सुधार दर्ज किया गया है, हालांकि LoC पर संघर्षविराम उल्लंघन के मामलों में बढ़ोतरी हुई।
सेना के मुताबिक, LAC और चीन के सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों में अब करीब 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड के बराबर सैन्य बल तैनात हैं। एक ब्रिगेड में करीब 3 हजार सैनिक होते हैं। इन ब्रिगेड में पैदल सेना के साथ टैंक, तोपखाना और एयर डिफेंस जैसी सैन्य क्षमताएं शामिल होती हैं। भारतीय सेना ने कहा कि LAC के सभी सेक्टरों में उसकी तैनाती मजबूत है और वह किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।
भारत-चीन के बीच फिर शुरू हुई सैन्य बातचीत
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में भारत और चीन के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों पर सैन्य और कूटनीतिक बातचीत जारी रही। मार्च और जुलाई में WMCC की बैठकें हुईं। इसके अलावा सीमा विवाद के समाधान को लेकर दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच भी बातचीत हुई।
पूर्वी लद्दाख में अक्टूबर 2025 में कोर कमांडर स्तर की बैठक भी आयोजित की गई। सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच बॉर्डर पर्सनल मीटिंग जारी रहीं और विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की गई।
जम्मू-कश्मीर में हिंसा और स्थानीय भर्ती में कमी
सेना की रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति नियंत्रण में रही और हिंसा व विरोध-प्रदर्शन में कमी आई। वर्ष 2025 में पत्थरबाजी की एक भी घटना दर्ज नहीं हुई। रिपोर्ट में बताया गया कि सिर्फ एक स्थानीय युवक आतंकी संगठन में शामिल हुआ।
सेना के अनुसार, यह जम्मू-कश्मीर में स्थानीय स्तर पर आतंकवाद की भर्ती में बड़ी गिरावट का संकेत है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि लोग विकास और सरकार की विभिन्न योजनाओं में भागीदारी कर रहे हैं।
LoC पर 6 घुसपैठ की कोशिशें, 12 पाकिस्तानी आतंकी मारे गए
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 में नियंत्रण रेखा यानी LoC के रास्ते आतंकियों ने 6 बार घुसपैठ की कोशिश की। इन अभियानों के दौरान 12 पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया गया।
हालांकि घुसपैठ की कोशिशों में कमी आई, लेकिन सेना ने कहा कि आतंकियों और सीमा पार से सक्रिय नेटवर्क ने जम्मू-कश्मीर की अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश की। इसमें नशीले पदार्थों और युद्ध में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की तस्करी शामिल है।
सीजफायर उल्लंघन 2 से बढ़कर 163 हुए
सेना की रिपोर्ट में बताया गया कि जम्मू-कश्मीर में कई सुरक्षा संकेतकों में सुधार हुआ, लेकिन वर्ष 2025 में LoC पर संघर्षविराम उल्लंघन के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वर्ष 2024 में जहां केवल 2 मामले सामने आए थे, वहीं 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 163 हो गई।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMO) के बीच मई 2025 में बातचीत हुई। सेना के अनुसार इसके बाद LoC पर स्थिति काफी हद तक स्थिर हुई, हालांकि सीमा पर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।
ड्रोन से हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी
रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सुरक्षा बलों ने 2 AK-47 राइफल, 75 पिस्तौल और 281.41 किलो नशीला सामान बरामद किया। सेना का आकलन है कि इन सामानों को ड्रोन के जरिए सीमा पार से भेजा गया था।
खासकर पंजाब सीमा पर ड्रोन का इस्तेमाल हथियार और नशीले पदार्थ पहुंचाने के अलावा निगरानी और अन्य सुरक्षा गतिविधियों के लिए भी किए जाने की कोशिश बढ़ रही है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना ने की क्षमता की समीक्षा
सेना ने ऑपरेशन सिंदूर को एक साथ कई मोर्चों पर कार्रवाई करने की क्षमता, मजबूत खुफिया तंत्र, आधुनिक तकनीक और तीनों सेनाओं के बेहतर तालमेल का उदाहरण बताया है।
ऑपरेशन के बाद भारतीय सेना ने अपनी सैन्य क्षमताओं और जरूरतों की समीक्षा की। इसके तहत बलों के पुनर्गठन, तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और नई तकनीकों को तेजी से शामिल करने पर जोर दिया गया।

