New Delhi/Alive News: जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को एक बार फिर आतंकियों की धमकी मिलने से डर का माहौल है। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बताए जा रहे आतंकी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (ULC) ने कश्मीरी पंडितों के नाम एक और धमकी भरी चिट्ठी जारी की है। बताया जा रहा है कि पिछले एक महीने में इस तरह की यह छठवीं धमकी है।
इस बार प्रधानमंत्री पैकेज के तहत जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। चिट्ठी में कर्मचारियों की निजी जानकारी और गैर-स्थानीय कर्मचारियों को लेकर भी धमकी भरी बातें कही गई हैं।
धमकियों के बाद कई कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने दफ्तर जाना कम कर दिया है, जबकि कुछ लोग जम्मू लौट गए हैं। कश्मीरी पंडितों के संगठन ऑल पीएम पैकेज एम्प्लॉइज एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से मामले की जांच और कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
ट्रांजिट कैंपों में बढ़ाई गई सुरक्षा
बडगाम जिले के शेखूपुरा सहित कई ट्रांजिट कैंपों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शेखूपुरा में करीब 330 कश्मीरी पंडित परिवार रहते हैं। कॉलोनी के बाहर आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और लोगों को सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले की तुलना में अब सामान्य कामों के लिए भी सुरक्षा बलों को जानकारी देनी पड़ रही है। कई परिवारों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है और लोग शाम होने से पहले घर लौटने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
पीएम पैकेज के तहत करीब 6000 कर्मचारी
जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2008 के प्रधानमंत्री पैकेज के तहत करीब 6 हजार कश्मीरी पंडितों को नौकरी और आवास उपलब्ध कराए गए हैं। ये कर्मचारी और उनके परिवार बडगाम, कुलगाम, बारामूला और कुपवाड़ा समेत विभिन्न इलाकों में बने ट्रांजिट कैंपों और कॉलोनियों में रहते हैं।
इन कॉलोनियों में पहले से सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है, लेकिन हालिया धमकियों के बाद सुरक्षा को और मजबूत किया गया है। कश्मीरी पंडित संगठनों ने कर्मचारियों की जानकारी आतंकियों तक पहुंचने के दावों की भी गंभीर जांच कराने की मांग की है।

