September 23, 2026

मोदी की फिर अपील- जरूरत न हो तो सोना न खरीदें: बोले- वैश्विक संकट के बीच भारत ने हासिल की 7.8% विकास दर

PM Modi appeals to avoid unnecessary gold buying amid India's 7.8 percent economic growth

New Delhi/Alive News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आर्थिक विकास दर 7.8 फीसदी रहने पर देशवासियों को बधाई दी है। मंगलवार को सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि देशवासियों की मेहनत, इच्छाशक्ति और सामूहिक ताकत का परिणाम है।

प्रधानमंत्री ने एक बार फिर लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि सोने की जरूरत नहीं है तो लोगों को इसकी खरीदारी नहीं करनी चाहिए। इससे पहले भी प्रधानमंत्री देशवासियों से अनावश्यक सोना न खरीदने की अपील कर चुके हैं।

7.8% विकास दर देशवासियों की मेहनत का नतीजा

पीएम मोदी ने कहा कि देश के सामने कई वैश्विक चुनौतियां हैं। वहीं देश के अंदर भी कुछ लोग निराशा फैलाने और गलत जानकारी के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। इन सभी चुनौतियों के बावजूद भारत ने 7.8 फीसदी की आर्थिक विकास दर हासिल की है।

उन्होंने कहा कि भारत को विकास की इस गति को बनाए रखना होगा और आने वाले समय में और तेजी से आगे बढ़ना होगा।

विदेश यात्रा और विदेशी शादियों से बचने की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों को मेक इन इंडिया के मंत्र के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने विदेश घूमने जाने और विदेश में शादी करने जैसे खर्चों से भी बचने की बात कही। पीएम ने कहा कि देश में जितना ज्यादा स्वदेशी उत्पादों और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा, भारत उतनी ही मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा।

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि जब भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब देश की युवा पीढ़ी को एक विकसित भारत मिलेगा।

पीएम मोदी सोना न खरीदने की अपील क्यों कर रहे हैं?

भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना विदेशों से आयात करता है। ऐसे में सोने की ज्यादा खरीदारी से देश का आयात बिल बढ़ता है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ सकता है।

2025-26 में भारत के सोना आयात बिल में कीमतों में तेजी के कारण भारी बढ़ोतरी देखी गई। हालांकि सोने की आयात मात्रा में कमी आई, लेकिन अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ने से कुल आयात खर्च बढ़ गया।

सोने की कीमतें लगातार बढ़ने का असर आम ग्राहकों की जेब पर भी पड़ा है। घरेलू बाजार में सोने की कीमत 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम से अधिक पहुंचने से ज्वेलरी खरीदना महंगा हो गया है।

कम सोना खरीदने से कैसे होगा फायदा?

अगर देश में गैर-जरूरी सोने की खरीदारी कम होती है तो सोने के आयात पर होने वाला खर्च कम हो सकता है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा और डॉलर के मुकाबले रुपये को भी सहारा मिल सकता है।

भारत में हर साल बड़ी मात्रा में सोने की मांग रहती है। हालांकि बढ़ती कीमतों के कारण हाल के महीनों में सोने की खरीदारी और आयात दोनों पर असर देखने को मिला है।

प्रधानमंत्री की अपील का मकसद लोगों को जरूरत के हिसाब से खर्च करने और देश में स्वदेशी उत्पादों, स्थानीय उद्योगों और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करना है।