Kolkata/Alive News: बीरभूम जिले के तारापीठ में सोमवार सुबह एक होटल में भीषण आग लगने से 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग होटल के AC में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।
सावन सोमवार के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु तारापीठ मंदिर पहुंचे थे। इनमें से कई श्रद्धालु बिदिशिनी होटल में ठहरे हुए थे। सुबह करीब 4:30 बजे जब अधिकांश लोग सो रहे थे, तभी होटल की पहली मंजिल पर आग लग गई। होटल का पिछला दरवाजा बंद होने के कारण लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हुई।
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में घायल लोगों को इलाज के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है।
महिला और दो बच्चों के लापता होने की सूचना
हादसे के बाद एक महिला ने बताया कि वह रविवार दोपहर साउथ 24 परगना से परिवार के साथ तारापीठ में पूजा करने आई थी। उनके साथ उनकी मां और बच्चे भी थे। महिला के मुताबिक, उनकी मां होटल के कमरा नंबर एक में थीं, लेकिन हादसे के बाद उनकी मां और दो बच्चे नहीं मिल रहे हैं।
हादसे में बची कोलकाता की एक महिला ने बताया कि अचानक पूरे होटल में धुआं भर गया। धुएं के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया और बाहर निकलने का रास्ता तलाशना भी चुनौतीपूर्ण था।
AC में शॉर्ट सर्किट से कैसे लग सकती है आग?
AC की वायरिंग में खराबी या शॉर्ट सर्किट होने पर अचानक ज्यादा करंट प्रवाहित हो सकता है। इससे वायरिंग का इंसुलेशन गर्म होकर पिघल या जल सकता है। तारों के संपर्क में आने और चिंगारी निकलने से आसपास मौजूद ज्वलनशील सामग्री में आग फैलने का खतरा रहता है।
तारापीठ मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?
तारापीठ पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित मां तारा का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहां सालभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं।
तारापीठ मंदिर की धार्मिक परंपराओं का संबंध तंत्र साधना से भी माना जाता है। मंदिर के पास स्थित महाश्मशान में लंबे समय से तांत्रिक साधना की परंपरा रही है। प्रसिद्ध तांत्रिक साधक और मां तारा के भक्त बामाखेपा का भी तारापीठ से गहरा संबंध रहा है। उनकी स्मृति और समाधि से जुड़ा स्थल भी यहां मौजूद है।
मंदिर में मां तारा की प्रतिमा को विशेष रूप से सजाया जाता है। दिन के समय प्रतिमा पर सोने का मुखौटा लगाया जाता है, जिसे रात में हटा दिया जाता है।

