New Delhi/Alive News: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में पूर्व छात्र उमर खालिद की किताब ‘फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज’ पर होने वाली चर्चा का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। यह कार्यक्रम 10 अगस्त को यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (SSS) के SSS-1 ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाना था।
कार्यक्रम को जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) की ओर से आदिवासी दिवस के मौके पर सार्वजनिक चर्चा के रूप में आयोजित किया जाना था। कार्यक्रम का समय दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित था।
वेन्यू रिक्वेस्ट फॉर्म में पूरी जानकारी नहीं दी गई
JNU की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, ऑडिटोरियम की बुकिंग इसलिए रद्द की गई क्योंकि वेन्यू रिक्वेस्ट फॉर्म में प्रस्तावित कार्यक्रम से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
बुकिंग रद्द करने का पत्र जॉइंट रजिस्ट्रार की ओर से जारी किया गया था। इसे स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के डीन ने मंजूरी दी थी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, JNU एक लोकतांत्रिक और विकेंद्रीकृत संस्थान है। प्रशासन ने कहा कि कार्यक्रम की अनुमति SSS के डीन की ओर से दी गई थी और उसे रद्द करने की कार्रवाई भी उन्हीं की ओर से की गई है।
कार्यक्रम में कई वक्ताओं को बुलाया गया था
कार्यक्रम के लिए जारी पोस्टर के अनुसार, चर्चा में कई शिक्षाविदों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया था। इनमें प्रोफेसर प्रभु महापात्रा, प्रोफेसर उमा चक्रवर्ती, शुद्धब्रत सेनगुप्ता, हर्ष मंदर और बानोज्योत्सना लाहिड़ी के नाम शामिल थे।
यह चर्चा आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित की जानी थी और इसका आयोजन JNUSU की ओर से किया जाना था।
उमर खालिद कौन हैं?
उमर खालिद JNU के पूर्व छात्र हैं। उनकी किताब ‘फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज’ को लेकर 10 अगस्त को विश्वविद्यालय परिसर में चर्चा प्रस्तावित थी। हालांकि, ऑडिटोरियम की अनुमति रद्द होने के बाद अब यह कार्यक्रम अपने निर्धारित स्थान पर नहीं हो सकेगा।
फिलहाल विश्वविद्यालय की ओर से जारी आदेश में अनुमति रद्द करने की वजह के तौर पर वेन्यू रिक्वेस्ट फॉर्म में कार्यक्रम की पूरी जानकारी नहीं दिए जाने का उल्लेख किया गया है।

