July 1, 2026

मॉनसून पर सूखे का साया: जून में बारिश में बड़ी कमी, जुलाई में भी राहत की उम्मीद कम

भारत में कमजोर मॉनसून के कारण सूखी जमीन और बारिश का इंतजार करते किसान।

New Delhi/Alive News: देश में मॉनसून को केरल पहुंचे करीब एक महीना हो चुका है, लेकिन उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में अब भी अच्छी बारिश का इंतजार है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार जून महीने में देशभर में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। इसका सबसे अधिक असर किसानों और खेती पर पड़ रहा है।

मध्य भारत में सबसे ज्यादा बारिश की कमी

मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य भारत में जून के दौरान 50.4 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। वहीं पूरे देश में औसतन करीब 40 प्रतिशत कम वर्षा हुई। यह वर्ष 1901 के बाद जून महीने में दर्ज की गई पांचवीं सबसे कम बारिश मानी जा रही है।

दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में भी लगभग 40 प्रतिशत, जबकि केवल उत्तर-पूर्वी राज्यों में करीब 31 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। दक्षिण भारत में भी बारिश सामान्य से 27 प्रतिशत कम रही।

कम बारिश के पीछे ये हैं 5 बड़े कारण

आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र के अनुसार जून में कम बारिश के पीछे कई मौसमीय कारण जिम्मेदार रहे।

  • मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) का प्रतिकूल चरण।
  • पूरे जून में कम दबाव (Low Pressure System) का विकसित न होना।
  • अधिकांश मौसम प्रणालियों का उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ जाना।
  • अल-नीनो जैसी परिस्थितियों का उभरना।
  • हिंद महासागर क्षेत्र में कमजोर मौसमीय गतिविधियां।

जुलाई में भी सामान्य से कम बारिश का अनुमान

आईएमडी ने अपने ताजा मासिक पूर्वानुमान में कहा है कि जुलाई 2026 में देशभर में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। विभाग के अनुसार जुलाई में दीर्घकालिक औसत (LPA) का 94 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान है।

हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत, उत्तर-पूर्व भारत, पूर्वी-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ इलाकों में सामान्य या उससे अधिक बारिश हो सकती है।

दिल्ली समेत उत्तर भारत में कब पहुंचेगा मॉनसून?

मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़ और राजस्थान के कई हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दिल्ली में 3 या 4 जुलाई के आसपास दक्षिण-पश्चिम मॉनसून दस्तक दे सकता है।