Noida/Alive News: केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निपुण भारत मिशन में इस सत्र से बड़ा बदलाव किया गया है। अब तक कक्षा 1 और 2 के बच्चों को हिंदी और गणित में दक्ष बनाने पर जोर दिया जाता था, लेकिन 1 जुलाई 2026 से सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 3 से 5 के छात्रों का अंग्रेजी का भी आकलन किया जाएगा। इसके लिए स्कूलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
कंपोजिट स्कूल पृथला की शिक्षिका अर्चना समृद्धि ने बताया कि इस बार निपुण मिशन के तहत कक्षा 3 से 5 के बच्चों को अंग्रेजी सीखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रार्थना सभा में बच्चों को समाचार पत्र से एक विषय दिया जाएगा, जिसे वे मंच पर पढ़ेंगे। इसके अलावा बच्चों को लाइब्रेरी से जोड़कर नियमित पढ़ने की आदत विकसित की जाएगी। कमजोर विद्यार्थियों को पढ़ाई में बेहतर बच्चों के साथ बैठाया जाएगा, ताकि वे बिना झिझक अंग्रेजी बोलने और समझने का अभ्यास कर सकें।उन्होंने बताया कि कक्षा में नियमित डिक्टेशन कराई जाएगी, जिससे बच्चों की लिखने की गलतियां कम होंगी। साथ ही अलग कॉपी में रोज एक पेज अंग्रेजी लिखने का गृहकार्य भी दिया जाएगा।
वही इस बार इस बार निपुण मिशन की निगरानी भी दो स्तर पर होगी। शिक्षकों के कार्य का मूल्यांकन बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के साथ-साथ जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) भी करेगा। इससे मिशन के प्रभावी संचालन और बच्चों की सीखने की गुणवत्ता पर बेहतर नजर रखी जा सकेगी।
कैसे जगाएंगे बच्चों का इंटरेस्ट
अर्चना समृद्धि का कहना है कि बच्चों का अंग्रेजी में इंटरेस्ट जगाने के लिए उन्हें चित्र के माध्यम से समझाया जाएगा। साथ ही क्ले के जरिए अंग्रेजी में शब्दों को बनाकर उन्हें समझाया जाएगा। कक्षा तीन से पांच के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

