New Delhi/Alive News: बिहार के भोजपुर जिले के युवा सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में अब टीवी अभिनेत्री और ‘अनुपमा’ फेम रुपाली गांगुली ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
रुपाली गांगुली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबा पोस्ट साझा करते हुए कहा कि भरत तिवारी की मौत से जुड़े कई सवाल हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भरत और उनके गांव के लोगों की शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले या उनके साथ गलत व्यवहार करने वाले सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए।
अभिनेत्री ने लिखा कि किसी भी नागरिक को ऐसी स्थिति में नहीं पहुंचाया जाना चाहिए, जहां उसे लगे कि उसके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों का काम जनता का भरोसा मजबूत करना है, न कि उसे तोड़ना।
रुपाली गांगुली ने एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने भावुक होते हुए लिखा कि किसी मां को अपना बेटा नहीं खोना चाहिए और किसी नागरिक को दूसरा भरत तिवारी बनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए।
क्या है भरत तिवारी एनकाउंटर मामला?
28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी भोजपुर जिले के बिलौटी गांव के रहने वाले थे। वह सोशल मीडिया के माध्यम से गांव की समस्याओं, बाढ़ और प्रशासनिक लापरवाही जैसे मुद्दों को लगातार उठाते थे।
पुलिस के अनुसार, 17 जून को शाहपुर पुलिस और STF की टीम भरत तिवारी को गिरफ्तार करने पहुंची थी। पुलिस का दावा है कि भरत के पास अवैध हथियार था और उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई। इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
वहीं, भरत के परिवार और गांव वालों का आरोप है कि उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था और अपना हथियार भी फेंक दिया था। उनका दावा है कि निहत्थे होने के बावजूद पुलिस ने उन्हें गोली मारी, इसलिए यह मामला फर्जी एनकाउंटर का है।
सरकार ने दिए जांच के आदेश
मामले को लेकर बढ़ते विवाद के बीच बिहार सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी एक सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज को सौंपी गई है। साथ ही मामले में कार्रवाई करते हुए संबंधित SHO समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
इस बीच, भरत तिवारी की मौत को फर्जी एनकाउंटर बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई है। याचिका में एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और मामले की CBI जांच कराने की मांग की गई है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सभी की नजरें न्यायिक जांच की रिपोर्ट पर टिकी हैं।

