Faridabad/Alive News : विश्व तंबाकू निषेध दिवस (31 मई) के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे साप्ताहिक जागरूकता अभियान के अंतर्गत तीसरे कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-18 स्थित गवर्नमेंट मॉडल इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (महिला) में आयोजित हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
इस विशेष कार्यक्रम में बी.के. सिविल अस्पताल, फरीदाबाद से अनुक्रम भाटी तथा भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी (जिला शाखा फरीदाबाद) द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र से प्रोजेक्ट डायरेक्टर धर्मेंद्र कसाना, अशोक, अमर एवं राजेश ने मुख्य रूप से भाग लिया। वक्ताओं ने छात्राओं को तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी, गुटखा एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान की विस्तृत जानकारी दी।
गलत संगति और जिज्ञासा से बचें युवा: प्रधानाचार्य
इस अवसर पर संस्थान के प्रधानाचार्य सतीश कुमार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, “युवा अवस्था में सही मार्गदर्शन और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। कई बार विद्यार्थी गलत संगति, जिज्ञासा अथवा सामाजिक दबाव के कारण नशे की ओर आकर्षित हो जाते हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पूरी तरह प्रभावित होता है। उन्होंने सभी छात्राओं से नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।”
कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति किया सचेत
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने छात्राओं को बताया कि तंबाकू का सेवन किस तरह कैंसर, हृदय रोग, श्वसन संबंधी बीमारियों एवं अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देता है। इसके साथ ही, नशा मुक्ति के लिए सरकार और संस्थाओं द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सहायता सेवाओं एवं उपचार सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया गया।
छात्राओं और स्टाफ ने ली नशामुक्त समाज की शपथ
कार्यक्रम के समापन पर संस्थान की सभी छात्राओं एवं स्टाफ सदस्यों ने तंबाकू और हर प्रकार के नशे से दूर रहने का संकल्प लिया। सभी ने मिलकर एक स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देने की शपथ ली।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित यह कार्यक्रम साप्ताहिक जागरूकता अभियान का तीसरा बेहद सफल आयोजन रहा, जिसने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की नई दिशा दिखाई है।

