International/Alive News: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में करीब 21 घंटे तक चली उच्चस्तरीय बैठक बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। दोनों देशों के बीच यह वार्ता कई अहम मुद्दों पर सहमति बनाने के लिए की गई थी, लेकिन आखिर में कोई समझौता नहीं हो पाया।
ईरान की तरफ से संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने वार्ता का नेतृत्व किया, जबकि अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल हुए थे। बैठक खत्म होने के बाद दोनों पक्षों ने माना कि बातचीत बेनतीजा रही।
अमेरिका की मुख्य शर्त थी कि ईरान साफ तौर पर यह भरोसा दे कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। लेकिन ईरान की ओर से इस मुद्दे पर ठोस आश्वासन नहीं मिला, जिसके कारण समझौता नहीं हो सका।
ईरान के स्पीकर गलीबाफ ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका उनका भरोसा जीतने में नाकाम रहा, इसलिए बातचीत सफल नहीं हो पाई। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत पूरी तरह बेकार नहीं रही और अमेरिका अब ईरान के नजरिए को बेहतर तरीके से समझने लगा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी समझौते के लिए जल्दबाजी में नहीं है और अपने हितों की रक्षा के लिए कूटनीति का रास्ता अपनाता रहेगा।
गलीबाफ ने ईरान की जनता का भी धन्यवाद किया और कहा कि देश के लोग हमेशा सरकार के साथ खड़े हैं, जिससे उन्हें आगे बढ़ने की ताकत मिलती है।
फिलहाल, इस वार्ता के विफल होने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बना हुआ है और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।

