Delhi/Alive News: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान ने रविवार को दावा किया कि उसकी सेना ने दक्षिणी अफगानिस्तान में कई सैन्य और आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए हैं।
पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार इन हमलों में कंधार में मौजूद तकनीकी सहायता ढांचे और हथियारों के भंडारण स्थल को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। कंधार वही शहर है, जहां तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा का प्रशासनिक मुख्यालय माना जाता है।
रिपोर्टों के मुताबिक एक अन्य हमले में कंधार की एक सुरंग को भी निशाना बनाया गया। पाकिस्तान का कहना है कि इस सुरंग का इस्तेमाल अफगान तालिबान और पाकिस्तान के उग्रवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) द्वारा किया जाता था। पाकिस्तान हाल के कई आतंकी हमलों के लिए टीटीपी को जिम्मेदार ठहराता रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार देर रात कंधार के आसमान में सैन्य विमान उड़ते दिखाई दिए, जिसके बाद जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। एक निवासी ने बताया कि पहाड़ के पास स्थित एक सैन्य ठिकाने के ऊपर विमान मंडराते रहे और फिर विस्फोट हुआ, जिसके बाद वहां आग की लपटें भी दिखाई दीं। लोगों का यह भी कहना है कि कंधार के दक्षिण-पूर्व में स्थित सीमा शहर स्पिन बोल्डक में भी हवाई हमलों की आवाजें सुनी गईं।
इस बीच तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि इन हमलों से कुछ नागरिक ठिकानों को सीमित नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों को निशाना बनाने का दावा किया जा रहा है, वे बताए गए इलाकों से काफी दूर हैं। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि कंधार में एक नशा मुक्ति केंद्र और एक खाली कंटेनर को नुकसान पहुंचा है।
ये घटनाएं उस समय सामने आई हैं जब एक दिन पहले पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने अफगानिस्तान से आए ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार रात कम से कम तीन स्थानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी, जिनमें रावलपिंडी स्थित सैन्य मुख्यालय भी शामिल था। रावलपिंडी पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के पास स्थित है।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के कार्यालय ने कहा कि अफगान तालिबान ने नागरिकों को निशाना बनाकर “लाल रेखा” पार कर दी है और इसका जवाब दिया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले महीने पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था। पाकिस्तान का कहना है कि वह उन उग्रवादी समूहों को निशाना बना रहा है जो अफगानिस्तान की जमीन से पाकिस्तान में हमले कर रहे हैं। वहीं काबुल स्थित तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है और कहती है कि अफगान जमीन का इस्तेमाल सीमा पार आतंकवाद के लिए नहीं हो रहा।
हाल के सप्ताहों में दोनों देशों के बीच सीमा पर कई बार झड़पें भी हुई हैं। इन घटनाओं के कारण सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं और व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन के अनुसार 26 फरवरी से अब तक हुई झड़पों में कम से कम 75 नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 193 लोग घायल हुए हैं।

