Delhi/Alive News: नेपाल के गंडकी प्रांत के गोरखा जिले में शनिवार रात भारतीय तीर्थयात्रियों से भरी एक बस खाई में गिर गई। इसमें 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 घायल हैं। यात्री मनाकामना मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, श्रद्धालुओं को लेकर जा रही एक माइक्रोबस मनकामना मंदिर से लौट रही थी, तभी सड़क से फिसलकर 200 फीट गहरी खाई में गिर गई।
हादसे में घायल 7 यात्रियों को भरतपुर स्थित चितवन मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भेजा गया है। पुलिस के अनुसार बस में एक दर्जन से ज्यादा यात्री सवार थे।
प्रशासन के अनुसार बस मनाकामना मंदिर से तनहुन जिले के अंबुखैरेनी इलाके की ओर जा रही थी। घटना के बाद देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। पुलिस ने बताया कि हादसे की दूसरे वजहों की भी जांच की जा रही है।
हादसे में बस का ड्राइवर सुरक्षित, सहायक घायल
गोरखा जिला ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के प्रमुख सूरज अर्याल ने बताया कि मृतकों में दो महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं। सभी भारतीय नागरिक थे।
जिला पुलिस प्रमुख भरत बहादुर बीके के अनुसार मृतकों की पहचान मुथु कुमार (उम्र 58), अनामालिक (उम्र 58), मीनाक्षी (उम्र 59), शिवगामी (उम्र 53), विजयल (उम्र 57), मीना (उम्र 58) और तमिलरसी (उम्र 60) के रूप में हुई है।
हिमालयन टाइम्स के मुताबिक, इलेक्ट्रिक बस का ड्राइवर सुरक्षित बच गया, जबकि उसका सहायक इस हादसे में घायल हुआ है।
सड़क दुर्घटनाओं से नेपाल में नुकसान तीन गुना बढ़ा
विश्व बैंक की एक स्टडी के मुताबिक नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाला आर्थिक नुकसान 2007 के बाद तीन गुना बढ़ चुका है और अब यह देश के सकल राष्ट्रीय उत्पाद का लगभग 1.5 प्रतिशत है।
विश्व बैंक के अनुसार नेपाल में सड़क हादसों में मरने वालों में 70 प्रतिशत से ज्यादा पैदल यात्री, साइकिल सवार और मोटरसाइकिल चालक जैसे संवेदनशील रोड यूजर होते हैं।
बस के खाई में गिरने से 19 लोगों की मौत हो गई थी
इससे पहले नेपाल के धादिंग जिले में 23 फरवरी को एक पर्यटक बस 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी। हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए थे। बस पोखरा से काठमांडू जा रही थी और उसमें 44 लोग सवार थे।
मृतकों में 24 साल का ब्रिटिश नागरिक, 40 साल की चीनी महिला और 32 साल का भारतीय पुरुष भी शामिल हैं। नेपाल में पहाड़ी इलाकों में संकरी सड़कें और खराब सड़क रखरखाव के कारण सड़क दुर्घटनाएं आम हैं।

