Faridabad/Alive News: सूरजकुंड की वादियों में आयोजित 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प उत्सव 2026 में एक ओर जहां देश-विदेश से आए कलाकार और शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्कूली विद्यार्थियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का सशक्त मंच मिल रहा है। इस भव्य आयोजन के तहत हरियाणा पर्यटन निगम द्वारा शिक्षा विभाग के सहयोग से प्रतिदिन विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिससे छात्र-छात्राओं को उत्सव की गतिविधियों से जोड़ा जा सके।
मंगलवार को सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प उत्सव के मेला परिसर स्थित नाट्यशाला में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए सीनियर और जूनियर वर्ग की पेपर क्राफ्ट प्रतियोगिता तथा जुगाड़ स्पर्धा का आयोजन किया गया। इन विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी कला, नवाचार और रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया।
पेपर क्राफ्ट प्रतियोगिता (सीनियर वर्ग)
सीनियर वर्ग की पेपर क्राफ्ट प्रतियोगिता में मुरारी लाल ग्लोबल स्कूल की छात्रा काव्या ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सेंट जान स्कूल के जय को द्वितीय स्थान तथा तक्षिला स्कूल की वैश्वनी को तृतीय स्थान मिला।
पेपर क्राफ्ट प्रतियोगिता (जूनियर वर्ग)
जूनियर वर्ग में सेंट जान स्कूल की कोरा ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया। सुमेर सिंह पब्लिक स्कूल की स्वाती को द्वितीय स्थान और फैंटेक्स कॉन्वेंट स्कूल की प्राची को तृतीय स्थान प्रदान किया गया।
जुगाड़ प्रतियोगिता
जुगाड़ प्रतियोगिता में रावल बाल शिक्षा केंद्र की छात्रा दीप्ति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। माडर्न बीपी पब्लिक स्कूल की सोनिया को द्वितीय तथा सेंट जान स्कूल की भूमिका को तृतीय स्थान मिला।
गौरतलब है कि सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प उत्सव वर्ष 1987 से देश-विदेश की संस्कृति, सभ्यता और कला को प्रदर्शित करने का एक प्रमुख मंच रहा है। इस उत्सव में भारत के लगभग सभी राज्यों के साथ-साथ कई देशों के प्रतिभागी अपनी कला और समृद्ध विरासत का परिचय देते हैं।

