Faridabad/Alive News: फरीदाबाद में भाजपा नेताओं की आपसी गुटबाजी उस समय खुलकर सामने आ गई, जब सेक्टर-12 स्थित टाउन पार्क में बनी अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति लाइब्रेरी का एक ही दिन में दो बार उद्घाटन कर दिया गया। पहले हरियाणा सरकार के मंत्रियों और राज्यसभा सांसद ने रिबन काटा, वहीं करीब दो घंटे बाद केंद्रीय राज्य मंत्री ने उसी लाइब्रेरी का दोबारा उद्घाटन कर दिया।
जानकारी के अनुसार, सबसे पहले राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर के साथ हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और खाद्य मंत्री राजेश नागर ने लाइब्रेरी का रिबन काटकर उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सेक्टर-12 टाउन पार्क में हुआ।
इसके लगभग दो घंटे बाद केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर अपने समर्थकों और विधायकों के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ बड़खल विधायक धनेश अदलखा, एनआईटी विधायक सतीश फागना, होडल विधायक, मेयर प्रवीण बत्रा और भाजपा जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री के पहुंचने से पहले लाइब्रेरी पर दोबारा रिबन लगाया गया और साफ-सफाई की गई। इसके बाद कृष्णपाल गुर्जर ने उसी लाइब्रेरी का फिर से रिबन काटकर उद्घाटन किया और अपने विधायकों के साथ फोटो भी खिंचवाई।
बताया जा रहा है कि लाइब्रेरी के उद्घाटन के लिए लगाए गए बोर्ड में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर का नाम था। बोर्ड पर नीचे कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, राजेश नागर, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर और मंत्री राव नरबीर सिंह के नाम भी लिखे थे। पहले उद्घाटन के दौरान मंत्री विपुल गोयल ने सांसद सुरेंद्र नागर के साथ बोर्ड से कपड़ा हटाया और उसके सामने खड़े होकर फोटो खिंचवाई, इसके बाद रिबन काटा गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद शहर में नेताओं की आपसी खींचतान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और पार्टी संगठन पर भी सवाल उठने लगे हैं।
मंत्री विपुल गोयल का बयान:
लाइब्रेरी के दोबारा उद्घाटन को लेकर जब मंत्री विपुल गोयल से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में ऐसी कोई बात नहीं है। उनके अनुसार उद्घाटन हो चुका है और प्रोटोकॉल के हिसाब से सभी नेताओं के नाम बोर्ड पर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि कहीं भी किसी तरह की कोई खींचतान नहीं है।
केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर का बयान:
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि उन्हें विभाग की ओर से सूचना मिली थी कि लाइब्रेरी का उद्घाटन उनके कर-कमलों से होना है। विभाग द्वारा लगाए गए उद्घाटन पत्थर पर भी उनका नाम है। उन्होंने बताया कि जो जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी, उसे निभाने के लिए वे तय समय पर पहुंचे थे। पहले क्या हुआ, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
एक ही दिन में एक ही लाइब्रेरी का दो बार उद्घाटन होना अब फरीदाबाद में राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।

