June 13, 2026

बदल गया सीबीएसई बोर्ड का पैटर्न, अब रट्टा मारकर प्राप्त नहीं कर पाएंगे अच्छे अंक

Delhi/Alive News: जहां पहले छात्र किताबों से रट्टा मारकर अच्छे अंकों से पास हो जाते थे। इसको लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वी कक्षा की परीक्षा में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। अब सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में सिर्फ किताब से ही नहीं बल्कि उससे बाहर से भी सवाल पूछें जाएंगे।

अगले साल 2026 में सीबीएसई परीक्षा में पूछे जाने वाले सवालों का पैटर्न बदल जाएगा। अब कोई भी छात्र परीक्षा में रट्टा मारकर और सिर्फ पन्ने भरकर अच्छे नंबर प्राप्त नहीं कर पाएगा। 

सीबीएसई की नई शिक्षा नीति के अनुसार सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026 में सवाल सीधे किताबों से नहीं बल्कि छात्र की समझ को ध्यान में रखकर पूछे जाएंगे। 

सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026 में किताबों में दी गई थ्योरी के बजाए ऐसे सवाल पूछे जाएंगे जो उनकी असल जिंदगी से संबंधित हों। 50 प्रतिशत सवाल कॉम्पिटेंसी बेस्ड होंगे। 

साल में दो बार होगी परीक्षा
अब अगले साल से 10वीं के छात्र दो बार बोर्ड की परीक्षा देंगे। उन्हें दो बार परीक्षा देने का मौका मिलेगा। पहली परीक्षा फरवरी से मार्च के बीच में होगी और दूसरी परीक्षा मई से जून के बीच में आयोजित होगी। इन दोनो परीक्षा में जो बेस्ट स्कोर होगा उसे फाइनल माना जाएगा। 

प्रश्न पत्र का नया ढांचा  2026 की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में अंकों का डिविजन कुछ इस तरह होगा

  • 50 प्रतिशत योग्यता आधारित प्रश्न (एमसीक्यू, केस स्टडी, डेटा इंटरप्रिटेशन).
  • 20 प्रतिशत वस्तुनिष्ठ प्रश्न (बहुविकल्पीय प्रश्न).
  • 30 प्रतिशत वर्णनात्मक प्रश्न (लघु और दीर्घ उत्तरीय सवाल, जिनका वेटेज अब कम कर दिया गया है)।

उत्तर पुस्तिकाओं का नया फॉर्मेट
साइंस और सोशल साइंस जैसे विषयों के लिए उत्तर पुस्तिकाएं अब अलग-अलग सेक्शन में बंटी होंगी। जैसे विज्ञान में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के लिए अलग भाग होंगे। छात्रों को सही सेक्शन में ही उत्तर लिखना अनिवार्य होगा, वरना उसे ‘Attempt Not Done’ माना जाएगा। इसलिए आंसर लिखने से पहले प्रश्न का सेक्शन जरूर चेक कर लें।