March 7, 2026

आखिर 25 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है तुलसी पूजन दिवस, जानें महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Faridabad/Alive News: ईसाई धर्म में जहां क्रिसमस को लेकर लोगों में उत्साह दिख रहा है वहीं हिन्दू धर्म में तुलसी पूजा दिवस को मनाने के लिए तैयारियां जोरों शोरों पर है। हिंदू धर्म में तुलसी को अत्यंत पवित्र पौधा माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप और भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय बताया गया है। हर वर्ष 25 दिसंबर को तुलसी पूजन दिवस मनाया जाता है, जो तुलसी के धार्मिक, औषधीय और पर्यावरणीय महत्व को दर्शाता है। वर्ष 2025 में भी यह दिवस 25 दिसंबर, गुरुवार को मनाया जाएगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी की विधिवत पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जबकि नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं।

बता दें कि, इस दिन को मनाने की शुरुआत साल 2014 से की गई थी। भारत के साधु-संतों ने तुलसी के महत्व को समझाने के लिए तुलसी पूजन के लिए 25 दिसंबर का दिन तय किया था।

क्या है तुलसी पूजन दिवस का महत्व
तुलसी पूजन दिवस का उद्देश्य तुलसी पौधे के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है। शास्त्रों में कहा गया है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां देवी लक्ष्मी का वास होता है। तुलसी न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके औषधीय गुण भी अनेक रोगों से रक्षा करते हैं। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण में भी तुलसी की अहम भूमिका मानी जाती है, क्योंकि यह वायु को शुद्ध करती है। इस विशेष दिन पर तुलसी पूजन करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

2025 में तुलसी पूजन के शुभ मुहूर्त
प्रातः काल: सुबह आठ बजे से दस बजे तक
सायंकाल: शाम साढ़े पांच बजे से सात बजे तक

मान्यता है कि सुबह सूर्य की किरणों में और सूर्यास्त के समय तुलसी पूजन करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

क्या है तुलसी पूजन की पुजा विधि
तुलसी पूजन के लिए प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद तुलसी के गमले या चौकी को साफ कर पूजा स्थल को पवित्र करें। तुलसी पौधे में शुद्ध जल अर्पित करें और अक्षत, चंदन, रोली, कुमकुम, हल्दी व सिंदूर अर्पित कर लाल चुनरी चढ़ाएं। शुद्ध घी का दीपक जलाएं। शाम के समय पुनः दीप प्रज्ज्वलित करें।
इसके बाद तुलसी के चारों ओर 7, 11, 21 या 111 बार परिक्रमा करते हुए “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। अंत में फल, मिठाई या घर का बना भोजन भोग लगाकर तुलसी माता की आरती करें और प्रसाद का वितरण करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी पूजन दिवस पर श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।