Faridabad/Alive News: शहर में दूषित पानी की समस्या लगातार गंभीर रूप लेती जा रही है। इसका सीधा असर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर पड़ रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में उल्टी, पेट दर्द, दस्त, हैजा, डायरिया, टाइफाइड और पीलिया जैसी जल जनित बीमारियों के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बीके अस्पताल में प्रतिदिन करीब 70 से 80 मरीज उल्टी, पेट दर्द और दस्त जैसी शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मोहित अग्रवाल ने बताया कि दूषित पानी का सेवन इन बीमारियों का मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर बीमारियों का रूप ले सकती है। डॉक्टर ने लोगों को उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीने की सलाह दी है।
शहर के कई इलाकों में पीने के पानी में बदबू, मटमैला रंग और गंदगी की शिकायतें सामने आई हैं। खासतौर पर ओल्ड फरीदाबाद, एनआईटी, बल्लभगढ़ और डबुआ कॉलोनी क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रामचंद्र सोनी के अनुसार, इन बीमारियों से पीड़ित करीब 60 फीसदी मरीज बच्चे और बुजुर्ग हैं। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के कारण यह दोनों वर्ग तेजी से प्रभावित हो रहे हैं।
डॉ. सोनी ने कहा कि साफ-सफाई और स्वच्छ जल का प्रयोग ही इन बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। नगर निगम से भी नागरिकों ने अपील की है कि पानी की आपूर्ति से पहले उसकी गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।

