Faridabad/Alive News : तीसरे नवरात्रि के पावन अवसर पर माता वैष्णो देवी मंदिर में मां चंद्रघंटा की भव्य पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और भक्तों ने माता के दरबार में हाजिरी लगाकर पूजा-अर्चना की।
मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया ने प्रातःकालीन आरती और पूजा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उद्योगपति आर.के. जैन, पार्षद मनोज नासवा, सुरेंद्र गेरा, प्रताप भाटिया, एस.पी. भाटिया, विनोद पांडे और विमल पुरी ने माता के दरबार में पहुंचकर हवन और पूजन में हिस्सा लिया। मंदिर संस्थान की ओर से सभी अतिथियों को माता की चुनरी और प्रसाद भेंट किया गया।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जगदीश भाटिया ने मां चंद्रघंटा की महिमा का बखान किया। उन्होंने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार राक्षस महिषासुर ने इंद्रदेव का सिंहासन छीनकर स्वर्गलोक पर कब्जा कर लिया था। देवताओं की प्रार्थना पर त्रिदेव के क्रोध से उत्पन्न ऊर्जा से मां चंद्रघंटा का प्राकट्य हुआ। भगवान शंकर ने मां को त्रिशूल, भगवान विष्णु ने चक्र और अन्य देवताओं ने अपने-अपने अस्त्र प्रदान किए। इंद्रदेव ने माता को घंटा भेंट किया। इन दिव्य शस्त्रों से सुसज्जित होकर मां चंद्रघंटा ने महिषासुर का वध किया और देवताओं की रक्षा की।
उन्होंने आगे बताया कि मां चंद्रघंटा को दूध से बनी खीर का भोग लगाया जाता है तथा सफेद रंग उन्हें अति प्रिय है। जो भी भक्त सच्चे मन से माता की पूजा कर मुराद मांगता है, उसकी इच्छाएं अवश्य पूर्ण होती हैं।

