March 10, 2026

​यूथ रेडक्रॉस शिविर के तीसरे दिन युवाओं को अनेकों विषय पर किया गया जागरूक

Faridabad/Alive News: अंकुश मिगलानी, उपाध्यक्ष व  महेश जोशी, महासचिव भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी हरियाणा राज्य शाखा चंडीगढ़ से प्राप्त निर्देशानुसार एवं विक्रम सिंह, उपायुक्त एवं प्रधान जिला रेडक्रॉस सोसायटी फरीदाबाद के कुशल मार्गदर्शन व एवं सचिव बिजेंद्र सौरोत के नेतृत्व में 9 नवंबर से 13 नवंबर तक के० एल० मेहता दयानंद महिला महाविद्यालय, एन० आई० टी० 3, फरीदाबाद के प्रांगण में चल रहे यूथ रेडक्रॉस प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन 11 नवंबर का आरंभ रेडक्रॉस प्रार्थना के साथ हुआ।

रेडक्रॉस सोसाइटी के प्राथमिक चिकित्सा प्रवक्ता दर्शन भाटिया के द्वारा प्राथमिक चिकित्सा के बारे में जानकारी दी उनके द्वारा बताया गया की प्राथमिक उपचार का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति की जान बचाना होता है। प्राथमिक चिकित्सा किसी भी समस्या को बिगड़ने से रोकने में मदद करती है क्योंकि छोटी दुर्घटनाएं ठीक समय पर बड़ी होने से पहले ही नियंत्रित की जा सकती हैं और रोगी को हॉस्पिटल में इलाज के लिए एक बड़ी राशि का भुगतान करने से बचाया जा सकता है।प्रवक्ता रविंद्र डुडेजा के द्वारा युवाओं को थैलेसीमिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि थैलेसीमिया एक वंशानुगत (आनुवंशिक) रक्त विकार है जिसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता है, जिससे एनीमिया होता है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला प्रोटीन है जो शरीर में ऑक्सीजन ले जाता है। इसके गंभीर मामलों में लगातार रक्त चढ़ाने की आवश्यकता हो सकती है, और इसके प्रबंधन में स्वस्थ जीवनशैली, आयरन का सेवन सीमित करना (डॉक्टर की सलाह के बिना), और संक्रमण से बचाव शामिल है।

एम सी धीमान रेडक्रॉस सोसाइटी के प्राथमिक चिकित्सा प्रवक्ता (पूर्व जिला प्रशिक्षण अधिकारी)  द्वारा उपस्थित सभी युवाओं को आपदा प्रबंधन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आपदा प्रबंधन एक सुनियोजित प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदाओं के हानिकारक प्रभावों को कम करना है, जिसमें जीवन, संपत्ति और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है. इसमें आपदा से पहले तैयारी, प्रतिक्रिया के बाद पुनर्प्राप्ति और शमन (नुकसान कम करने) के चरण शामिल होते हैं, जिसमें सरकार, समुदाय और विभिन्न संगठनों का सहयोग आवश्यक होता है।

डॉ राकेश माथुर द्वारा युवाओं को अंग दान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अंगदान एक ऐसा कार्य है जहाँ कोई व्यक्ति या उसका परिवार मृत्यु के बाद या जीवित अवस्था में अपने अंग और ऊतक दान करते हैं, ताकि जरूरतमंद व्यक्तियों को स्वस्थ जीवन मिल सके। अंगदान से प्राप्त (जैसे गुर्दा, हृदय, यकृत, फेफड़े) को किसी ऐसे मरीजों में प्रत्यारोपित किया जाता है, जिसे अंग काम न करने या बीमारी के कारण उसकी जरूरत हो। यह जीवन बचाने वाला एक अनमोल उपहार है, और एक दाता से 50 लोगों तक की जान बचाई जा सकती है।

पुलिस प्रशासन फरीदाबाद के प्रतिनिधि ए एस आई सतबीर सिंह के द्वारा विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसी अपरिचित व्यक्ति की फोन कॉल आने पर अपने वित्तीय मामले की डिटेल कभी भी शेयर न करें। सोशल साइट के माध्यम से या ऑनलाइन मदद के नाम पर रुपये मांगने वालों को बिना पहचान किए कोई धनराशि न दें। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने अकाउंट का विवरण, एटीएम कार्ड नंबर, पिन नंबर, ओटीपी नंबर व एसएमएस को शेयर न करें। साइबर अपराध से बचने के लिए युवाओं को स्वयं जागरूक होकर दूसरों को भी जागरूक करना होगा।

इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसाइटी फरीदाबाद के संरक्षक विमल खंडेलवाल ने रेडक्रॉस की सराहना करते हुए बताया कि रेडक्रॉस एक मानवीय संस्था है जो समाज में लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहती हैं। लोगों को समय-समय पर हर प्रकार की कुरीतियों से अवगत करवाते रहते  हैं।  

इस मौके पर कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से इशांक कौशिक, जिला प्रशिक्षण अधिकारी, श्वेता आर्य, वाई आर सी कोऑर्डिनेटर के एल मेहता, अरविन्द शर्मा लिपिक, मनदीप, कंप्यूटर ऑपरेटर, केशव कुमार, सेवादार युवराज व अन्य रेडक्रॉस स्टाफ व कॉलेज स्टाफ का सहयोग सराहनीय रहा