March 8, 2026

अनंगपुर संघर्ष समिति को सीईसी से मिलने का समय मिला, विजय प्रताप ने जिला प्रशासन की सराहना की  

Faridabad/Alive News: फरीदाबाद के अनंगपुर गांव में रविवार को पंचायत का आयोजन हुआ, जिसमें अनंगपुर संघर्ष समिति के एडवाइजर विजय प्रताप ने ग्रामीणों को सम्बोधित किया। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने समिति के प्रतिनिधिमंडल को केंद्रीय पर्यावरण आयोग (सीईसी) से मिलने का समय दिलवाया, जो एक सकारात्मक पहल है।  

विजय प्रताप ने कहा कि समिति जिला प्रशासन से टकराव नहीं चाहती और शांतिपूर्ण सहयोग को तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में गलत तथ्य पेश किए गए, जिससे मामला बिगड़ गया। उन्होंने बताया कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह नहीं बताया कि 45 सौ एकड़ जमीन में से केवल 1467 एकड़ पर ही पीएलपीए लागू है, बाकी जमीन पर नहीं। गलत जानकारी के कारण गांव को अवैध बताया गया, जबकि यह हजारों साल पुराना बसा हुआ क्षेत्र है।  

प्रताप ने मांग की कि सरकार स्पष्ट करे कि यह जमीन वन विभाग की नहीं, बल्कि ग्रामीणों की मलकियत है। अगर इसे वन क्षेत्र में बदलना है तो मुआवजा देना होगा। उन्होंने कहा कि गांव की जीविका पहाड़ों पर निर्भर है, खेती की जमीन बहुत कम है। पंचायत में यह भी मांग उठी कि सरकार तोड़फोड़ की कार्रवाई रोके, टूटे निर्माणों का मुआवजा दे और 45 सौ एकड़ में से 2 हजार एकड़ वन क्षेत्र को मुआवजे सहित छोड़े, जबकि बाकी 25 सौ एकड़ ग्रामीणों के उपयोग के लिए सुरक्षित रखी जाए।  

पंचायत की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष चौधरी अतर सिंह ने की। इस मौके पर कई स्थानीय नेता, सरपंच और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।