March 11, 2026

यमुना में बढ़ा जलस्तर, यमुना की तलहटी में बसी अवैध कॉलोनियों में पहुंचा पानी, प्रशासन ने घर खाली करने के दिये आदेश

Faridabad/Alive News : यमुना नदी में ओखला बैराज से शनिवार रात को 50, 273 क्यूसेक पानी फरीदाबाद की सीमा पर छोड़े जाने के कारण पानी का जलस्तर खतरे के नजदीक पहुंच गया है। जिसके कारण बसंतपुर क्षेत्र की यमुना में बसी अवैध कॉलोनियों में जलभराव हो गया है। क्योंकि यह क्षेत्र तलहटी में बसा हुआ है और फरीदाबाद के एसडीएम अमित कुमार और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बसंतपुर के 18 गांवों का दौरा कर लाेगाे काे सतर्क रहने के लिए चेतावनी दी है। खेतों की फसलें भी जलभराव के कारण खराब हो गई है। जिस से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। बल्लभगढ़ के एसडीएम मयंक भारद्वाज ने किनारे पर बसी अवैध कॉलोनियों को खाली कराने का जायजा लिया है।

बसंतपुर के बांध रोड से यमुना की तलहटी में बसी अवैध काॅलाेनी के मकानों को खाली करने के लिए कहा है। यहां 2023 में भी जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई थी। वहां के एसडीएम अमित कुमार ने सभी निवासियों को घर छोड़कर बाहर निकलने का आदेश दिया है। उन्होंने निगम प्रशासन को भी निर्देश दिए है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न होने दें। उपायुक्त सिंचाई विभाग के अधिकारी को हर एक घंटे की अपडेट देते रहने के भी आदेश दिये है। एसडीएम मयंक भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने गांवों में दौरा किया और बताया कि अभी तक कोई जलभराव की सूचना नहीं है।

उन्होंने बताया कि यमुना किनारे बसे गांवों पर पंचायत सचिव और पटवारी लगातार निगरानी रख रहे है। पुलिस ग्रामीण क्षेत्र के लाेगाें की सुरक्षा का ध्यान दे रही है। लाेगाें काे यमुना की ओर पशुओं और बच्चाें काे न ले जाने के लिए कहा है। मंझावली के निवासी मुकेश यादव और चांदपुर के सरपंच सूरजभान उर्फ भूरा ने भी बताया कि उनके गांव के खेतों में भी खड़ी फसल जलभराव की वजह से डूब गई है और जलभराव लगातार बढ़ रहा है।