June 8, 2026

सिटी बस डिपो और चार्जिग स्टेशन परियोजना को मिली 18.48 करोड़ की आर्थिक मंजूरी

Faridabad/Alive News: सेक्टर-61 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की जमीन पर सिटी बस डिपो निर्माण के लिए एक और कदम बढ़ाया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्माण व चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए 18.48 करोड़ रुपये  के बजट को मंजूरी दे दी है। अब फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण इसका टेंडर करेगा, फिर वर्क अलॉट के बाद काम शुरू हो जाएगा। यह डिपो करीब दस एकड़ जमीन पर बनेगा और बड़ी पार्किंग भी होगी। फिलहाल 11 रूटों पर 50 से अधिक बसें संचालित की जा रही हैं। जल्द सौ और इलेक्ट्रिक बसें आनी है। यह सभी बसे सेक्टर-61 में प्रस्तावित डिपो से ही चलेगी। रात को वही खड़ा हुआ करेंगी। वहीं पर वर्कशाप भी बनेगी। जमीन की एवज में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाएगा। बता दे मुख्यमंत्री ने जिले में कई परियोजनाओं के बजट को मंजूरी प्रदान की है।

पहले था जमीन का विवाद : सेक्टर-61 हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का है। यह सेक्टर ट्रांसपोर्ट नगर प्रस्तावित है। यहीं पर फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण को सिटी बसों के डिपो की जमीन की जरूरत है। क्योंकि यह जगह दिल्ली-मथुरा हाईवे के पास और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के सामने है। इसलिए बसों को आने जाने में परेशानी नहीं होगी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण 10 एकड़ जमीन के बदले में मोटी रकम मांग रहा था जिसे देने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने मना कर दिया था । बाद में मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप कर मामला निपटा दिया। दरअसल सिटी बसें यात्रियों को खूब भा रही हैं। किराया कम होने की वजह से हर रूट पर बसें यात्रियों से भर कर चल रही हैं। 

पेयजल किल्लत होगी दूर: बल्लभगढ़ व एनआईटी में पेयजल किल्लत दूर करने की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना पर लगभग 13.85 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मुख्यमंत्री ने इस बजट को भी मंजूरी प्रदान की है। इस परियोजना के तहत अटाली से सेक्टर-25 बूस्टिंग स्टेशन तक करीब 20 किलोमीटर पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। फिलहाल बल्लभगढ़ व एनआईटी में पानी की आपूर्ति है। हजारों घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण इस पर परियोजना पर काम करेगा।

सुधरेगा सीवरेज सिस्टम: शहर के सीवरेज सिस्टम में सुधार के लिए भी 21.35 करोड़ के बजट को मंजूरी दी गई है। इस बजट से मास्टर सीवरेज और ड्रेन लाइनों की सफाई व रखरखाव का काम होगा। जहां कहीं दिक्कत है, उसे दूर किया जाएगा। बजट मंजूरी के बाद के बाद सभी परियोजनाएं टेंडर प्रक्रिया शुरू करेंगी।