Delhi/Alive News: चीन ने गुरुवार को एलान किया कि वह वर्ष 2030 तक अपने अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारने की दिशा में समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। इसी के साथ चीन ने अंतरिक्ष भेजे जाने वाले अपने अगले ग्रुप का परिचय कराया। यह समूह चीन के अपने अलग अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना होगा, जिसका निर्माण कार्य जारी है। यह मिशन चीन की अंतरिक्ष के क्षेत्र में अग्रणी रहने योजना का हिस्सा है
चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रम के प्रवक्ता झांग जिंगबो ने कहा, “फिलहाल इंसानों को चंद्रमा पर भेजने से जुड़ी सभी अनुसंधान और विकास परियोजनाएं सुचारू रूप से आगे बढ़ रही हैं। लॉन्ग मार्च-10 रॉकेट, चंद्र लैंडिंग सूट और एक्सप्लोरेशन व्हीकल जैसी परियोजनाएं जबरदस्त ढंग से आगे बढ़ रही हैं। हमारा 2030 तक चीन के किसी व्यक्ति को चंद्रमा पर उतारने का लक्ष्य दृढ़ है।”
चीन अपने निर्माणाधीन तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन पर दलों की नियमित अदला-बदली भी जारी रखे हुए है। प्रत्येक दल छह महीने तक स्टेशन पर रहकर वैज्ञानिक अनुसंधान करता है। नए दल में झांग लू, वू फेई और झांग होंगझांग शामिल होंगे। यह टीम शुक्रवार रात 11 बजकर 44 बजे (चीनी समयानुसार) जियूक्वान प्रक्षेपण केंद्र से उड़ान भरेगी। झांग लू पहले भी शेनझोउ-15 मिशन का हिस्सा रह चुके हैं, जबकि वू फेई और झांग होंगझांग पहली बार अंतरिक्ष यात्रा करेंगे।
यह टीम अपने साथ चार चूहों को भी ले जाएगी। इनमें दो नर और दो मादाएं शामिल होंगी, जिन पर भारहीनता और सीमित वातावरण के प्रभावों का अध्ययन किया जाएगा। चीन ने अपने तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन पर काम तब शुरू किया था जब उसे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया था। दरअसल, तब अमेरिका ने चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से सीधे संबंधों को लेकर सुरक्षा चिंताएं जताई थीं। इसके बाद से ही चीन ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाशना शुरू कर दिया था।

