Faridabad/Alive News: जिले में साइबर ठगी का अब तक का सबसे बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक प्रॉपर्टी कारोबारी 17 करोड़ रुपये गंवा बैठा। यह रकम उसे हाईवे किनारे एक एकड़ जमीन बेचने के बाद मिली थी। घटना से पुलिस भी हैरान है।
पुलिस आयुक्त सतेंद्र गुप्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद निगरानी संभाली है। साइबर थाना सेंट्रल में केस दर्ज कर 20 टीमों का गठन किया गया है, जो जांच में जुटी हैं।
मैसेज से शुरू हुई ठगी की कहानी
कारोबारी को मोबाइल पर शेयर बाजार में निवेश से जुड़े मुनाफे का मैसेज मिला था। इसके जरिए उसकी साइबर ठगों से बातचीत शुरू हुई। ठगों ने खुद को विशेषज्ञ बताते हुए सुरक्षित निवेश और ज्यादा मुनाफे का लालच दिया।
नकली ऐप से फंसाया जाल
ठगों ने कारोबारी से एक नकली शेयर मार्केट ऐप डाउनलोड कराया, जो असली ऐप जैसा दिखता था। शुरुआत में छोटी रकम निवेश करने पर ऐप में मुनाफा दिखाया गया, जिससे कारोबारी का भरोसा बढ़ गया।
बाद में उसने लालच में आकर करोड़ों रुपये निवेश कर दिए। जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की तो ठग बहाने बनाने लगे, तब उसे ठगी का अहसास हुआ।
38 खातों में बंटी रकम
पुलिस के अनुसार ठगी की रकम 38 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। जांच टीमें दिल्ली, नोएडा, मुंबई सहित कई शहरों में छापेमारी कर रही हैं। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी जारी है।
पहले भी हो चुकी हैं बड़ी वारदातें
- 19 जनवरी 2026: खुद को आरबीआई अधिकारी बताकर बुजुर्ग दंपती से 1.90 करोड़ की ठगी
- 30 जनवरी 2026: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2.13 करोड़ की ठगी
- हाल ही में: एक कारोबारी से 4 करोड़ की ठगी
- अगस्त 2025: युवती से 7 करोड़ रुपये ठगे गए
सावधान रहें: ऐसे करते हैं ठग वारदात
साइबर एक्सपर्ट आशीष कुमार के अनुसार ठग लोकप्रिय निवेश ऐप जैसे दिखने वाले फर्जी ऐप बनाते हैं। इनमें मुनाफा केवल दिखाया जाता है, असल में पैसा ठगों के पास चला जाता है।

