Faridabad/Alive News: यथार्थ अस्पताल में 35 वर्षीय महिला की मौत के बाद मंगलवार को परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने, महिला की मौत की जानकारी समय पर नहीं देने और बिल बनाते रहने का आरोप लगाया। परिजनों का दावा है कि जब उन्होंने महिला को दूसरे अस्पताल में ले जाने की बात कही, तब डॉक्टरों ने उन्हें उसकी मौत की जानकारी दी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
राजपाल चौधरी के अनुसार महिला हैमलता के पेट में पित्त की थैली में पथरी थी। इसी समस्या के चलते उसे 21 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी। उनका आरोप है कि ऑपरेशन के बाद डॉक्टर नियमित रूप से मरीज को देखने नहीं आए साथ ही उन्हें करीब तीन-चार दिन तक महिला से मिलने नहीं दिया गया। डॉक्टरों की ओर से बताया जाता रहा कि वह बेहोश है और जल्द होश आ जाएगा। उनका दावा है कि महिला की हालत पहले ही गंभीर थी, लेकिन उन्हें इसकी सही जानकारी नहीं दी गई।
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने इलाज के नाम पर करीब 20 से 25 लाख रुपये जमा कराए। इसके बावजूद उन्हे करीब 7-8 लाख रुपये का अतिरिक्त बिल बताया गया। पताल परिवार का कहना है कि जब उन्होंने महिला को एम्स ले जाने की बात कही तो करीब दस मिनट बाद डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की मौत हो चुकी है। परिजनों ने वेंटिलेटर और अन्य उपकरण हटे होने का भी दावा किया। परिजनों ने फैजल, बालकृष्ण और कपिल पर महिला की मौत के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया।
मिलने पहुंचे परिजनों से मारपीट का आरोप
परिजनों ने अस्पताल के सुरक्षा कर्मचारियों पर उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि घटना की सूचना पुलिस को दी गई। परिवार ने महिला के शव का पोस्टमॉर्टम कराने और पूरे मामले की जांच की मांग की है। महिला के तीन बच्चे हैं और परिजनों ने इलाज में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
क्या कहना है अधिकारी का
महिला की सर्जरी के दौरान ही मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों को मरीज को देखने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने उसे देखने से इनकार कर दिया। अब डॉक्टरों पर लगाए जा रहे आरोपों का उद्देश्य इलाज में लापरवाही साबित करना नहीं, बल्कि करीब 10 से 15 लाख रुपये के अस्पताल के बिल को माफ करवाना है।
-दिव्यांश, अस्पताल प्रबंधन अधिकारी, यथार्थ अस्पताल

