March 7, 2026

फरीदाबाद में यमुना नदी उफान पर: 14 गांवों में बाढ़ का खतरा, 3 हजार घर हुए खाली, 250 पानी में डूबे

Faridabad/Alive News: फरीदाबाद में यमुना नदी अब खतरे के निशान पर बह रही है। जिसके चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आबादी वाले क्षेत्र मे सबसे ज्यादा प्रभावित गांव बसंतपुर हो रहा है। यहां पर पिछले तीन दिनों में 3 हजार से ज्यादा घरों को खाली कराया जा चुका है। इन घरों में रहने वाली करीब 8 हजार की आबादी बेघर हो चुकी है। लोगों की आखों के सामने उनके घर डूब रहे हैं। यमुना की तलहटी में बसा होने के कारण यहां सबसे ज्यादा पानी भर रहा है। लोग अपना जरूरी सामान लेकर यहां से निकल चुके हैं। 

उधर, दिल्ली ओखला बैराज से यमुना में 2 लाख 35 हजार 550 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। प्रशासन ने 14 गांव में बाढ़ का खतरा घोषित किया और स्वास्थ्य विभाग की 14 टीमें लोगों को दवाई वितरित करने का काम कर रही हैं। जलभराव के इलाके से लोगों को निकालने के लिए एसडीआरएफ की 9 टीमें काम कर रही हैं।

14 गांव में बाढ़ का खतरा घोषित

प्रशासन ने क्षेत्र के 14 गांव में बाढ़ का खतरा घोषित किया है। इनमें बसंतपुर, किदावली, लालपुर, महावतपुर, राजपुर कलां, तिलोरी खादर, अमीपुर, चिरसी, मंझावली, चांदपुर, मोठूका, अरुआ, छांयसा और मोहना आदि गांव शामिल है। गांव राजपुर, चांदपुर, अल्लीपुर, किड़ावली सहित दर्ज की गांव की 2 हजार से ज्यादा एकड़ में खड़ी फसल खराब हो चुकी है। प्रशासन के द्वारा 7 राहत शिविर अलग अलग गांव में लगाए गए हैं। जिनमें 167 लोगों ने शरण ली हुई है।

27 गांव संवेदनशील घोषित

प्रशासन ने यमुना से लगते 27 गांव संवेदनशील गांवों में बसंतपुर, किडावली, लालपुर, महावतपुर, राजपुर कलां, तिलोरी खादर, अमीपुर, चिरसी, मंझावली, शाहजहांपुर, चांदपुर, मोठूका, नंगला, घरोड़ा, घुड़ासन, रायपुर कलां, इमामुद्दीनपुर, बेला, साहूपुरा खादर, अलीपुर शिकारगाह, अरुआ, छायंसा, छायंसा झुग्गी और मोहना को संवेदनशील घोषित किया हुआ है।

जलभराव के इलाके से लोगों को निकालने के लिए एसडीआरएफ की 9 टीमें काम कर रही है। स्वास्थ्य विभाग की 14 टीम लोगों को दवाइयां देने का काम कर रही है। डीसी विक्रम सिंह यादव ने कहा कि प्रशासन के तमाम कर्मचारी राहत के कार्य में जुटे हुए है। अभी तक जान की कोई हानि नहीं हुई है।